कहा आंदोलनकारियों व महिलाओं पर लाठी चार्ज दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय
घाट (चमोली)। चमोली जिले के घाट में नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग को डेढ लेन का मनाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को समर्थन देने व विधान सभा के बजट सत्र के पहले दिन विधान सभा कूच के दौरान लाठी चार्ज में घायल हुए आंदोलनकारियों का हालचाल जानने के लिए गुरूवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत घाट पहुंचे। जहां उन्होंने आंदोलनकारियों पर लाठी चार्ज किये जाने की निंदा करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
पूर्व सीएम उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों को आंदोलनबाज़ बोलकर त्रिवेंद्र सरकार उत्तराखण्ड की जनता का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कुकृत्य से भाजपा सरकार को शर्म आनी चाहिए और उनका दायित्व बनता है कि अभी भी वो आंदोलनकारियों की न्यायोचित मांग को मानकर अपने पापों को धो डालें अन्यथा उनको भी मजबूरन आंदोलनकारियों के साथ अनशन स्थल पर बैठकर आंदोलन करने को बाध्य होने में कोई गुरेज नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि विकास खण्ड घाट में पूर्ववर्ती सरकार ने अभूतपूर्व कार्य किये गए। अगर 2016 में राजनीतिक अस्थिरता नहीं आती तो सड़क चैड़ीकरण उनकी प्राथमिकता में था इसके बावजूद भी अगर भाजपा सरकार इस कार्य को अंजाम नहीं देती है तो कांग्रेस की सरकार आते ही वे प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय एवम तहसीलों को चैड़े सड़क मार्ग से जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व में विकास खण्ड ही नहीं सम्पूर्ण उत्तराखंड में किसान व बेरोजगारी हित में कार्य किये गये लेकिन वर्तमान सरकार हर कदम पर नकारा ही साबित हुई है। इस मौके पर पूर्व विधायक गणेश गोदियाल पूर्व विधायक ललित फरस्वाण, नवल किशोर, राजपाल बिष्ट, मुकेश नेगी, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बीरेन्द्र सिंह रावत, ब्लाक अध्यक्ष सुखबीर रौतेला, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह रावत, पूर्व प्रमुख सुदर्शन कठैत, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष मनोज कठैत व्यापार अध्यक्ष चरण सिंह नेगी, कलावती मैंदोली, सरस्वती देवी, मंजू देवी आदि मौजूद थे। पूर्व सीएम इस मौके पर दीवालीखाल में घायल हुए बसन्ती देवी, माहेश्वरी देवी व पूरण सिंह से भी मिले और उनका हालचाल जाना।
