आपदा पर राजनीति सही नहीं, जांच के बाद ही पता लगेगा कैसे टूटा पुल
कर्णप्रयाग (चमोली)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री और गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आपदा पर राजनीति करना सही नहीं है। रानीपोखरी पुल टूटने के मामले में विपक्ष की ओर से पुल के नीचे अवैध खनन को कारण बताए जाने के जवाब में तीरथ सिंह रावत ने कहा कि विपक्ष को जनता ने नकार दिया है। इसलिए खिसयानी बिल्ली खंबा नोचे वाली कहावत को देखते हुए अनर्गल बयानबाजी की जा रही है। रानीपोखरी का पुल आपदा से टूटा या खनन से यह तो विस्तृत जांच होने के बाद ही कहा जा सकता है।
रविवार को यहां लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पहुंचे पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत ने कुंभ में कोरोना जांच घोटाले पर कहा कि इसके लिए उन्होंने सीएम रहते हुए एसआईटी जांच शुरू करवा दी थी। और वर्तमान में भी जांच चलकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोरोना से आर्थिक मंदी से लेकर कोविड संक्रमण के खिलाफ केंद्र और प्रदेश सरकार ने बेहतर काम किया है। इस वैश्विक आपदा में कोई भूखा न रहे इसके लिए केंद्र सरकार ने 80 करोड़ लोगों को राशन दिया है। यही नहीं वैक्सीनेशन भी देश में तेजी से हो रहा है। इससे पूर्व पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बूथ सत्यापन सहित योजनाओं की जानकारी दी। तीरथ ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा दो तिहाई बहुमत से प्रदेश में सरकार बनाएगी। इस अवसर पर चमोली जिला प्रभारी विजय कप्रवाण, जिलाध्यक्ष रघुवीर बिष्ट, पूर्व विधायक अनिल नौटियाल, राकेश डिमरी, पूर्व जिपं सदस्य गणेश शाह, तेजेंद्र रावत, मंदिर समिति के पूर्व सदस्य अरूण मैठाणी आदि मौजूद थे।