posted on : March 15, 2026 9:00 pm

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले का सरकारी अमला इस बार भी विधानसभा के बजट सत्र को संपन्न कराने की अग्नि परीक्षा में खरा उतरा है। दरअसल चमोली का सरकारी अमला हर बार की तरह इस बार भी विधानसभा के सत्र संचालन की व्यवस्थाओें को बनाने में जुटा रहता है। इस बार भी सरकारी अमले के सामने बजट सत्र की व्यवस्थाओं को बनाए रखने की चुनौती बनी थी। पिछले दिनों जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के तहत सरकारी अमला रात-दिन एक किए रखा। इसके तत्काल बाद विधानसभा के बजट सत्र की चुनौती आ खड़ी हो गई। इस मोर्चे को फतह करना भी कोई आसान काम नहीं था। व्यवस्थागत तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए सरकारी अमला कई दिनों से रात-दिन एक किए हुए था।

चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार तथा पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने भराड़ीसैंण के मोर्चे को संभाला। डीएम ने सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया। इसके चलते विपरीत परिस्थितियों में भी भराड़ीसैंण में सभी व्यवस्थागत सुविधाएं काफी कम समय में जुटा ली गई। वैसे भी सरकारी अमले को जिला मुख्यालय गोपेश्वर से भराड़ीसैंण पहुंच कर व्यवस्थागत सुविधाएं जुटानी पड़ती है। जिला मुख्यालय से करीब 90 किमी के फासले को पार कर सरकारी अमला काफी दिन पहले से ही भराड़ीसैंण का मोर्चा संभालता रहा। देहरादून से आए लोगों को गौचर से लेकर कालेश्वर, लंगासू और चैखुटिया से लेकर गैरसैंण तक ठहराने की व्यवस्था करवाना कोई आसान काम नहीं। विधानसभा सत्र के दौरान उक्रांद तथा कांग्रेस के विधानसभा कूच कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संचालित करना कोई आसान  काम नहीं था। इस मोर्चे को एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने संभाला। इस दौरान तो उक्रांद के कार्यकर्ताओं ने पुलिस बल के पसीने छुडा दिए। कांग्रेस का घेराव कार्यक्रम भी इसी तरह चुनौतीपूर्ण बना था। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण माहौल में विधानसभा घेराव करवाने के मोर्चे पर भी पुलिसकर्मियों ने संयम का परिचय दिया। इसके चलते दोनों कार्यक्रम पुलिस और प्रशासन के नरम रूख के कारण शांतिपूर्ण ढंग से निपट गए। इसमें किसी तरह का बवाल खड़ा न होने से पुष्कर सिंह धामी सरकार को बड़ी राहत मिली।

कहा जा सकता है कि डीएम और एसपी ने  तो अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों संग भराड़ीसैंण के मोर्चे पर डट कर व्यवस्थाओं को चाक चैबंद रखा। इस बार तो सदन पहले की अपेक्षा निश्चित अवधि पर खरा उतरा। सदन के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाने के बाद चमोली प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस तरह चमोली का सरकारी अमला विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बजट सत्र की कसौटी पर खरा उतरा है। हालांकि पिछले साल अगस्त माह में भराड़ीसैंण में मानसून सत्र संचालित हुआ था। तब थराली तथा नंदानगर की आपदा की घटना से सत्र संचालित करना कोई आसान काम भी नहीं था। उसी दौर में कमेड़ा, उमट्टा, नंदप्रयाग, भनीरपाणी समेत तमाम स्थानों पर सड़क मार्ग पर भू-स्खलन के कारण और भी दिक्कतें आ खड़ी हो गई थी। यहां तक कि चारधाम यात्रा को भी सुरक्षित संचालित करना कोई आसान काम नहीं था। ऐसे दौर में भी चमोली का सरकारी अमला अग्नि परीक्षा खरा उतरा था। इस तरह के हालातों के चलते इस बार के बजट सत्र के दौरान इतनी बड़ी चुनौती तो नहीं थी फिर भी व्यवस्थाएं बनाना आसान काम भी नहीं था। बहरहाल बजट सत्र के निपटने के पश्चात सरकारी अमले को बड़ी राहत मिली है। यह अलग बात है कि सभी विभागीय अधिकारियों तथा कर्मचारियों को अब मार्च फाइनल को लेकर रात-दिन एक करना होगा।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!