गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर के हल्दापानी मोहल्ले में दो वर्षों से हो रहा भूस्खलन बीते तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद सक्रीय हो गया है। जिससे यहां मोहल्ले के 15 आवासीय भवन खतरे की जद में आ गये हैं। जिससे यहां स्थानीय लोगों डर का माहौल बना हुआ है।
गोपेश्वर नगर के हल्दापानी मोहल्ले के निचले हिस्से में भूस्खलन सक्रिय हो गया था। इस दौरान यहां एक नव निर्मित भवन भी जमीदोज हो गया था। जिसके बाद जिला प्रशासन की ओर से यहां भूस्खलन क्षेत्र में सुरक्षा कार्य शुरु करवाया गया। लेकिन वर्तमान तक सुरक्षा कार्य पूर्ण न होने के चलते अब तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते भूस्खलन क्षेत्र सक्रीय हो गया है। यहां अब तेजी जमीन खिसकना शुरु हो गया है। ऐसे में मोहल्ले के साथ ही चमोली-गोपेश्वर सड़क का बड़ा हिस्से की भी यहां भूस्खलन की चपेट आने की सम्भावना बनी हुई है। स्थानीय निवासी यदुनंद भट्ट, सुरेंद्र भंडारी और गिरीश नौटियाल का कहना है कि मोहल्ले के निचले हिस्से से हो रहे भूस्खलन को देखते हुए लोगों में भय का माहौल है। लोग रात्रि के समय भी खौफ के चलते सो नहीं पा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।
भूस्खलन जोन का सुरक्षा कार्य किया जा रहा है। लेकिन बारिश के चलते कार्य अधर में लटक गया है। ऐसे में यदि भूस्खलन आवासीय भवनों तक पहुंचता है तो सभी लोगों को आसपास के सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा। बारिश बंद होने के बाद मामले में आवश्यकता अनुसार सुरक्षा कार्य करवाये जाएंगे।
नंद किशोर जोशी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, चमोली।
