गोपेश्वर (चमोली)। जहां एक ओर सरकार की ओर से जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल हर घर नल की बात की जा रही है, वहीं चमोली जिले के महेशनगर के ग्रामीणों को पानी के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। 40 से अधिक परिवार यहां पर निवास करते है लेकिन इन परिवारों के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस संबंध में ग्रामीणों ने कई बार विधायक से लेकर प्रशासन तक गुहार लगा दी है लेकिन वर्तमान तक ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
बदरीनाथ हाईवे पर चमोली से पांच किलोमीटर बदरीनाथ की ओर से सड़क से लगा गांव महेशनगर है। जहां पर वर्तमान समय में 40 परिवार निवास करते है। और यहीं पर अपनी आजीविका चलाने के लिए व्यवसाय भी करते है। ग्रामीणों ने स्वयं के प्रयासों से यहां पर पानी की व्यवस्था की है लेकिन बरसात व अन्य दिनों में पानी की लाइन क्षतिग्रस्त होने से उन्हें पानी के लिए तीन किलोमीटर दूर प्राकृतिक स्रोत पर निर्भर रहना पड़ता है। गांव के अभिषेक उनियाल, प्रदीप चैधरी, सुमित घरिया का कहना है कि पानी की समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार शासन प्रशासन से गुहार लगा दी है लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि तीन किलोमीटर की दूरी पर बिरही के पास पानी का स्रोत है यदि यहां से विभाग उन्हें पानी की लाइन पहुंचा देता है तो उन्हें इससे काफी राहत मिल सकती है लेकिन विभाग को इस बारे में जानकारी दिए जाने के बाद भी विभाग ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने विधायक, जिलाधिकारी व जल संस्थान को भी ज्ञापन भेजे है परंतु इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों की इस समस्या की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो इसका संज्ञान लिया जाएगा और ग्रामीणों की समस्या का त्वरित समाधान किये जाने का प्रयास किया जाएगा।
राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान गोपेश्वर।
