गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के पांडुकेश्वर गांव निवासी को इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड ने गुप्तखाल ट्रैकिंग पूर्ण करने के लिये सम्मानित किया है, वहीं राहुल के नाम आईबीआर में भी दर्ज कर लिया गया है। आईबीआर की ओर से डाक के माध्यम से उन्हें प्रशस्ति पत्र भेजा गया है।
बता दें कि 2020 अक्तूबर में बिना माउंटेन ट्रेक्स बदरीनाथ के सीईओ राहुल मेहता, उत्तरकाशी के गंगा राणा और ऊखीमठ के रांसी गांव के मुकेश नेगी ने 5830 मीटर की ऊंचाई वाले गुप्तखाल ट्रैक की ट्रैकिंग माइनस 25 डिग्री तापमान में 10 दिनों में पूरी की। उन्होंने यह यात्रा सात अक्तूबर को नीती घाटी के गमसाली गांव से शुरु कर 17 अक्तूबर को देश के अंतिम गांव में माणा में सम्पन्न की थी। जोशीमठ ब्लॉक में स्थित गुप्त खाल ट्रैक उत्तराखंड की उच्चतम शिखरों वाला ट्रैकिंग मार्ग है। इस ट्रैक को पहली बार फ्रैंक स्मिथ ने 1933 में सफलता पूर्वक पूर्ण किया था। जिसके 77 वर्षों बाद वर्ष 2010 में दिल्ली के टै्रकिंग दल व वर्ष 2019 में बैंगलोर के दल ने इस ट्रैकर को पार किया। ऐसे में माउंटेन ट्रैक्स बद्रीनाथ के राहुल मेहता, उत्तरकाशी के गंगा राणा और ऊखीमठ, रांसी के मुकेश नेगी अक्टूबर माह में ट्रैक पूरा करने वाले पहले ट्रैकर दल बन गया है। उनके इस साहसिक अभियान की सफलता को देखते हुए इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड ने उन्हें सम्मानित करते हुए उनका नाम बुक में दर्ज कर लिया है। राहुल मेहता का कहना है कि यदि सरकार की ओर से उक्त ट्रैक पर सुरक्षा और ट्रैकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। तो यह दुनिया भर के साहिसक पर्यटन के चाहने वालों की पसंद बन सकता है।
