अहमदाबाद: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। घरेलू सरजमीं पर खेलते हुए टीम इंडिया ने वो कर दिखाया, जो अब तक टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में कोई मेजबान टीम नहीं कर पाई थी। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है।
लगातार दूसरी बार चैंपियन: भारत का ‘बैक-टू-बैक’ धमाका
2024 के विश्व कप के बाद अब 2026 में भी खिताबी जीत दर्ज कर भारत दुनिया की पहली ऐसी टीम बन गई है, जिसने लगातार दो बार टी-20 वर्ल्ड कप जीतने का गौरव हासिल किया है। रोहित की सेना (या भारतीय टीम) ने यह साबित कर दिया कि क्रिकेट की दुनिया में फिलहाल भारत का कोई सानी नहीं है।
मेजबान का ‘सूखा’ खत्म: पहली बार घर में जीती ट्रॉफी
टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी मेजबान देश ने अपनी ही धरती पर वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाई हो। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे दिग्गज देश भी अपनी मेजबानी में यह कारनामा नहीं कर सके थे। भारत ने इस मिथक को तोड़ते हुए करोड़ों देशवासियों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
मैच का टर्निंग पॉइंट
फाइनल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार जज्बा दिखाया। जहां बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी ने कीवी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाईं, वहीं गेंदबाजी में ‘यॉर्कर किंग’ जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव की फिरकी ने न्यूजीलैंड के मध्यक्रम की कमर तोड़ दी। 1 लाख से ज्यादा दर्शकों की मौजूदगी में जब आखिरी विकेट गिरा, तो पूरा स्टेडियम ‘इंडिया-इंडिया’ के नारों से गूंज उठा।
मुख्य आकर्षण:
तीसरी ट्रॉफी: 2007 और 2024 के बाद अब 2026 की चमचमाती ट्रॉफी भी भारत के पास।
अजेय बढ़त: पूरे टूर्नामेंट में भारत ने एक बार फिर अपनी बादशाहत कायम रखी।
ऐतिहासिक पल: पहली बार किसी मेजबान टीम ने जीता खिताब।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल जगत की तमाम हस्तियों ने टीम इंडिया को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी है। पूरे देश में आज दिवाली जैसा माहौल है और गलियों में तिरंगा लहरा रहा है।
रिपोर्ट: ‘Dabi Juban’ न्यूज़ डेस्क
