गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर में जल संस्थान पेयजल लाइनों के रख-रखाव को लेकर लापरवाह बना हुआ है। जिससे पर्याप्त पानी होने के बावजूद कुछ इलाकों में पेयजल की अनियमित आपूर्ति से उपभोक्ता परेशान हैं। वहीं जल संस्थान की पाइप लाइनों से बह रहे पानी से सड़क और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। स्थानीय लोगों की ओर से पेयजल लाइनों के सुधारीकरण की मांग के बाद भी विभागीय अधिकारी पेयजल की बर्बादी को नहीं रोक पा रहे हैं।
गोपेश्वर नगर में पेयजल आपूर्ति के लिये जल संस्थान की ओर से नगर में सप्लाई लाइनों का जाल बिछाया गया है। लाइनें पैदल रास्तों, सड़कों और नालियों से होकर गुजर रही हैं। ऐसे में यहां पेयजल की लाइनों के क्षतिग्रस्त होने पर संस्थान की ओर सुधारीकरण न किये जाने के चलते पेयजल बेतहाश पैदल रास्तों और सड़क पर बह रहा है। जिससे जहां पैदल रास्तों पर बने तालाब से रास्ते क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। वहीं सड़कों पर लगातार पानी बहने से सड़कों का डामर उखड़ने से सड़कें उबड-खाबड हो गई हैं। स्थानीय निवासी महेंद्र सिंह, देवेंद्र और दिनेश चन्द्र का कहना है कि पेयजल लाइनों की लीकेज के सुधारीकरण के लिये कई बार जल संस्थान के अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। जिससे एक ओर पेयजल की अनियमित आपूर्ति से उपभोक्ताओं को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। वहीं दूसरी ओर बह रहे पानी से पैदल रास्ते और सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होंने मामले में विभागीय अधिकारियों से संज्ञान लेते हुए लाइनों के सुधारीकरण की मांग उठाई है।
गोपेश्वर में पेयजल लाइनों के लीकेज सुधारीकण के लिये कर्मचारियों को आदेश दिये गये हैं। यदि कर्मचारियों की ओर से लाइन का सुधारीकरण नहीं किया गया है तो मामले को दिखवाया जाएगा और तत्काल लीकेज से पानी की बर्बादी को रोका जाएगा।
राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान, गोपेश्वर।
