गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड मेडिकल लैब टैक्नीशियन एसोसिएशन ने लैब टैक्नीशियन संवर्ग का पुर्नगठन कर पदोन्नति की व्यवस्था करने और सेवा नियमावली बनाने की मांग उठाई है। एसोसिएशन के कर्मचारियां ने जिले में मांग को लेकर प्रांतीय कार्यकारीण के निर्देश पर क्रमबद्ध आंदोलन शुरु कर दिया है। कर्मचारियों ने बुधवार को जिले के चिकित्सालयों व स्वास्थ्य केंद्रों में बांह में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। कर्मचारियों ने मांगों पर कार्रवाई न किये जाने पर आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी।
एसोशिएशन के जिलाध्यक्ष राजेंद्र रावत और जिला सचिव प्रदीप सिंह रावत का कहना है राज्य गठन के बाद से लैब टैक्नीशियन संवर्ग का पुर्नगठन नहीं किया गया है। जिससे विभिन्न प्रकार की विसंगतियों के चलते कर्मचारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं सेवा नियमावली न होने से भी दिक्कतें आ रही हैं। कहा कि लैब टैक्नीशियान संवर्ग में पदोन्नति की व्यवस्था भी नहीं की गई है। ऐसे में इस संवर्ग में तैनाती पाने वाले कर्मचारी एक ही पद पर तैनाती लेकर उस पर ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से कोरोना काल में सेवाओं के लिये सभी फ्रंट लाइन कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया गया। जबकि कोरोना में सबसे महत्वपूर्ण कार्य करने वाले लैब टैक्नीशियन संवर्ग का मनोबल गिराने वाला कार्य है। साथ ही जहां केंद्र सरकार की ओर से लैब टैक्नीशियन के कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए जोखीम भत्ता दिया जा रहा है। लेकिन राज्य में ऐसा प्रावधान नहीं किया गया है। जिसे लेकर लम्बे समय से एसोशिएसन की ओर से लगातार सरकार से कार्रवाई की मांग की जा रही है। किंतु सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में एसोशिएसन को आंदोलन करना पड़ रहा है। इस मौके पर वीरेंद्र सिंह नेगी, भरत रावत, किशोर बिष्ट, विनोद पांडेय, विनोद चमोली और अक्षय लाल ने अपने अपने कार्य स्थल पर बांह में काली पट्टी बांधकर विरोध किया।
