कर्णप्रयाग (चमोली)। चमोली जिले के कई गांव आज भी सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाये है, वहीं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के बेहाल होने के चलते लोगों की जान की आफत बनी हुई है। कर्णप्रयाग ब्लॉक के कुंड-डुंगरा गांव में शुक्रवार को बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने चार किमी कंधों में ढोकर चिकित्सालय पहुंचाया है। जिसके बाद बीमार को जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग में भर्ती करवया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और स्वास्थ्य की सुविधा के विस्तार को लेकर सरकार की ओर से किये जा रहे दावों की जमीनी हकीकत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बता दें कि कर्णप्रयाग ब्लॉक के बणसोली, सुमल्टा, स्वर्का, कुनेथ, कुंड-डुंगरा और किमधार गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिये वर्ष 2017 में 10 किमी डिम्मर-किमधार सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। लेकिन चार वर्ष बाद भी यहां सड़क निर्माण कार्य शुरु नहीं हो सका है। ऐसे में शुक्रवार को कुंड-डुंगरा गांव में जब 65 वर्षीय दलबीर सिंह की अचानक तबीयत खराब हुई, तो ग्रामीणों ने भारी बारिश के बीच चार किमी तक कंधों में ढोकर उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग पहुंचाया। जहां चिकित्सकों की कमी को देखते हुए बुजुर्ग के परिजन उन्हें लेकर जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग पहुंचे। जहां उन्हें भर्ती कराया गया है। स्थानीय निवासी पुष्कर सिंह, आनंद सिंह, प्रदीप सिंह, राम सिंह, मुकेश और मोहन का कहना है कि सड़क स्वीकृति के बाद लगातार प्रशासन और जन प्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है। लेकिन वर्तमान तक सड़क निर्माण को लेकर कोई कार्रवाई शुरु नहीं हो सकी है। ऐसे में हर बार गांव में ग्रामीणों के बीमार होने अथवा गर्भवती महिलाओं को चिकित्साल पहुंचाने के लिये ग्रामीणों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है।
