गोपेश्वर (चमोली)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में चमोली जिले के स्वयं सेवी संगठनों के विकास कार्यकत्ताओं के साथ हिमाद समिति ने गरीबी उन्मूलन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
विकास कार्यकत्ताओं को संबोधित करते हुये पराविधिक कार्यकर्त्ता और हिमाद के सचिव उमाशंकर बिष्ट ने कहा कि समाज के आर्थिक या अन्य असमर्थता के कारण कमजोर व्यक्तियों को विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं से जुडाव के लिए प्रयास करने होगें ताकि समाज का प्रत्येक व्यक्ति गरिमामय जीवन यापन कर सके। उन्होने कहा कि विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को समाज कल्याण अधिनियमों एवं योजनाओं के साथ ही उनके कौशल निर्माण और क्षमता विकास के लिए विकास कार्यकत्ताओं की अहम भूमिका होनी चाहिए। साथ ही उन्होने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 को रेखाकित करते हुये कहा कि विधिक सेवायें, सस्थायें, समाज के दुर्बल वर्ग की हर सभंव सहायता करने के लिए कृत संकल्प है।
इस अवसर पर इकौ लैब्स की एंकर प्रभा रावत ने कहा कि समाज में आज भी गरीबी एक बहु आयामी पहलू है गरीबी को केवल आय संबंधित समस्याओं तक सीमित नही है। बल्कि गरीबी स्वास्थ्य, घर, आहार, रोजगार, पेंशन, देख-रेख, शिक्षा, सफाई मौलिक सेवायें जैसी समस्याओं है। जिसके लिए समय-समय पर राज्य और जिला स्तर पर अनेक लोक कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होने कहा कि हम सभी का दायित्व हो जाता है कि समाज में गरीबी उन्मूलन के उपायो तक पहुंच बना कर आम व्यक्ति को लाभान्वित किया जाय। इस अवसर पर हिमाद के भूपेन्द्र गुसांई, पंकज पुरोहित, संदीप चौहान, बहादुर सिंह रावत, कविता बिष्ट, लीला देवी, अषाढ सिंह, पवन गुसांई, रोहित रावत, दीपक नेगी, अनिल सती, पुष्कर लाल आदि ने अपने विचार रखे।
