गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर के राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नैग्वाड़ के राजकीय बालिका इंटर कालेज गोपेश्वर में समायोजित किये जाने का पीटीए और स्थानीय जन प्रतिनिधियों विरोध किया है। उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से विद्यालय के यथावत संचालन की मांग उठाई है। अभिभावकों और जन प्रतिनिधियों ने मांग को लेकर सकारात्मक कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बता दें कि शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नैग्वाड़ का समायोजन जीजीआईसी गोपेश्वर में करने की योजना तैयार कि है। दोनों विद्यालयों के मध्य करीब चार किमी की पैदल दूरी है। ऐसे में अब पीटीए की ओर से विद्यालय के समायोजन को लेकर विरोध शुरु कर दिया गया है। नैग्वाड़ वार्ड की नगर पालिका सभासद लीला देवी पूर्व प्रधानाचार्य माहेश्वरी कन्याल और पीटीए अध्यक्ष तनूजा देवी का कहना है कि विद्यालय के समायोजन से जहां छात्राओं को विद्यालय पहुंचने के लिये अधिक पैदल दूरी नापनी पड़ेगी। वहीं वाहन सुविधा के लिये गरीब छात्राओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ झेलना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि विद्यालय के पास वर्तमान में शिक्षकों के साथ ही भवन व अन्य संसाधन भी पर्याप्त हैं। वहीं विद्यालय में अनुसूचित जाति और जनजाति की 90 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। ऐसे में विद्यालय को अन्य विद्यालय में समायोजित किया जाना न्यायोचित नहीं हैं। उन्होंने विद्यालय के यथावत संचालन की मांग पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन करने की बात कही है। वहीं मानव अधिकार एसोसिएशन के जिला प्रवक्ता पुष्कर सूरी का कहना है कि यह विद्यालय वर्ष 2006 में स्पेशल कंपानेंट प्लान के तहत बनाया गया था ताकि स्थानीय बालिकाओं को इसका लाभ मिल सके लेकिन अब इस विद्यालय को समायोजित किये जाने की बात की जा रही है जो सही नहीं है यदि शासन स्तर पर इसे रोका नहीं गया तो इसके लिए वृहद आंदोलन किया जाएगा।
शासन स्तर से मिले निर्देशों के अनुसार राकउमावि नैग्वाड़ को जीजीआईसी गोपेश्वर में समायोजित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मामले में जिला स्तर से किसी भी प्रकार की रोक अथवा कार्रवाई नहीं की जा सकती। विद्यालय को लेकर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
ललित मोहन चमोला, मुख्य शिक्षा अधिकारी, चमोली।
