गैरसैंण (चमोली)। 36 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिष से आम जन जीवन अस्त ब्यस्त हो गया है। सड़कें जहां नाले में तब्दील हो गई हैं वही नाले के समान नजर आने वाली रामगंगा नदी पूरे उफान पर है। दूरस्थ गांवों से खेत खलिहान सहित आवासीय भवनों व गौशालाओं को नुकसान पहुचने की खबरें मिल रही हैं। बीते रोज जंगल चट्टी में दो युवाओं ओर से शुरु किये गए फ्रेंड्स फार्म को लाखों का नुकसान पहुचा है, जहां मत्स्य पालन के लिए बनाए गए भारी भरकम तलाब ध्वस्त हो गए हैं। फार्म के संचालक शैलेन्द्र रावत व जय बिष्ट ने बताया कि बिक्री के लिए तैयार मछलियों की पूरी खेप नष्ट हो गई है, जब कि मत्स्य नर्सरी में करीब 5000 फिंगरलिंग्स तालाब फटने पर बह गए। बताया की आठ माह की मेहनत पल भर में समाप्त हो गई।
दूसरी ओर ब्लाक के रन्डोली नाले में आये मलवे से यातायात बाधित हसूचना मिलने पर रात एक बजे नायब तहसीलदार राकेश पल्लव ने मौके पर पहुच कर रास्ता साफ करवाया व फंसे वाहनों सहित 40 बारातियों को सड़क पार करवाया।
एनएच 109 पर पांडवाखाल से दिवालीखाल के मध्य कई जगहों पर छह महीने पूर्व स्कवर निर्माण कार्य सुरु किया गया जो आधे अधूरे खुले हुए हैं व निर्माण के दौरान सड़क पूरी तरह खड्ड मड्ड हो गई है जिस पर वाहन चालकों सहित आम नागरिकों को आवाजाही में भारी समस्या पेस आ रही है। ना ही कहीं नाली निर्माण किया गया है और ना ही पुरानी नालियों की सफाई की गई है। जनता द्वारा कई बार गैरसैंण प्रशासन से शिकायत की गई किन्तु हालात ढाक के वही तीन पात। सलियाना गैस गोदाम के पास बन रहे स्कवर के पास सड़क पूरी तरह धंस गई है जिसे हर रोज मिट्टी से भरा जा रहा है। जान हथेली पर रख कर सहन चालक स्कवर पार करने को मजबूर हैं। यही हालात कई अन्य स्थानों पर बनी हुई है।
