क्षेत्रवासियों में भालू के बढ़ते हमलों से आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
पोखरी(चमोली)। मानवदृवन्यजीव संघर्ष और क्षेत्र में बढ़ते भालू के आतंक को लेकर मंगलवार को ब्लॉक सभागार में केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग गोपेश्वर के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार दूबे की मौजूदगी में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई। ग्रामीणों ने कहा कि यदि शीघ्र ही भालुओं के आतंक को रोकने के लिए सार्थक प्रयास नहीं किए गए तो मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ेगा।
बैठक की अध्यक्षता क्षेत्र पंचायत प्रमुख राजी देवी ने की। बैठक में ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने बंदर, लंगूर, जंगली सूअर, भालू और बाघों के बढ़ते आतंक पर नाराजगी जताई। वक्ताओं ने कहा कि वन्यजीवों के हमलों से खेती-बाड़ी पूरी तरह चौपट हो चुकी है, वहीं महिलाएं, बच्चे और छात्र-छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर में लगातार दूसरी बार भालू ने छात्रों पर हमला कर उन्हें घायल किया। पाव और सिनाऊ पल्ला में घास काटते समय भालू के हमले में दो महिलाएं घायल हुईं। सेम समेतत कई गांवों में भालुओं ने गौशालाएं तोड़कर ग्याभिन व दुधारू गायों को मारा गया है। प्रमुख राजी देवी, एडवोकेट श्रवण सती, रवेन्द्र नेगी, कुंवर सिंह चौधरी, संतोष चौधरी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग से वन्यजीव अधिनियम में संशोधन कर हिंसक वन्यजीवों से निजात दिलाने की मांग की। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्रीय जनता व्यापक जन आंदोलन करेगी।
प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार दूबे ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए सोलर फेंसिंग, सेंसर अलर्ट सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में पिंजरे व ट्रेंकुलाइज गन उपलब्ध कराई जा रही हैं। हिंसक वन्यजीवों को मारने से संबंधित अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है। उप प्रभागीय वनाधिकारी मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि सुरक्षा के लिए पूरे डिवीजन में 15 कर्मियों को मानदेय पर तैनात किया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में फेंसिंग की व्यवस्था होगी तथा स्कूलों में बच्चों के लिए वाहन सुविधा दी जाएगी। भालू से मुकाबला करने वाले हरिशंकर विद्यालय के दो छात्रों को 26 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा। बैठक में जनप्रतिनिधियों के साथ वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
