पीपलकोटी (चमोली)। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से भले ही हर घर नल हर घर जल योजना से आम लोगों के पेयजल की किल्लत को दूर करने के दावे किये जा रहे हों। लेकिन चमोली जिले की नव गठित नगर पंचायत पीपलकोटी के लिये सरकार की कोई भी योजना पेयजल किल्लत से निजात दिलाने में सफल नहीं हो पा रही है। यहां उपभोक्ताओ के लिए पेयजल आपूर्ति े मुसीबत का सबब बनी हुई है। नगरवासी जहां पेयजल लाइन निर्माण की मांग कर रहे हैं, वहीं विभागीय अधिकारी बजट का रोना रो रहे हैं।
बता दें कि दशोली ब्लॉक के चार गांवों को मिलाकर शासन ने नगर पंचायत पीपलकोटी का गठन किया है। बदरीनाथ यात्रा का मुख्य पड़ाव होने के चलते पीपलकोटी नगर में पेयजल की किल्लत को देखते हुए पेयजल निर्माण निगम ने 14 करोड़ की लागत से नई पेयजल योजना प्रस्तावित की है। जिसके लिये विभाग ने आंगणन तैयार कर स्वीकृति के लिये डेढ वर्ष पूर्व भारत सरकार को भेज दिया है। लेकिन अभी तक योजना को वित्तीय स्वीकृति न मिलने से योजना का निर्माण कार्य शुरु नहीं हो पाया है। स्थानीय निवासी सर्वेश प्रसाद, नरेंद्र कुमार और आशीष का कहना है कि नगर में पेयजल की अनियमित आपूर्ति से यात्राकाल में जहां होटल संचालक स्वयं के संसाधनों पेयजल आपूर्ति करते हैं, वहीं ग्रामीण वार्डों में भी पेयजल आपूर्ति चुनौती बना हुआ है।
लुदांऊ-पीपलकोटी पेयजल योजना के निर्माण के लिये 14 करोड़ का वित्तीय प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। योजना में वन भूमि प्रस्ताव की सैद्धांतिक स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही योजना का निर्माण कार्य शुरु कर दिया जाएगा।
वीके जैन, अधिशासी अभियंता, उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम, गोपेश्वर-चमोली।
