गोपेश्वर (चमोली)। वन विभाग के ब्रांड एबेस्डर व मिश्रित वनों के पुरोधा जंगत सिंह जंगली ने कहा कि बिना समुदाय को साथ लिये किसी भी योजना को सफल नहीं कहा जा सकता है। वनों के संरक्षण एवं सर्वद्धन में लोगों की बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसलिए वन कर्मियों को अपने कौशल व क्षमता से लोगों की भागदारी सुनिश्चित करनी चहिए।
गुरूवार को अलकनंदा भूमि संरक्षण तथा नवज्योति महिला कल्याण संस्थान के सयुक्त तत्वाधान में बेडूवगड़ के विरही के अरण्यम विहार में तपोवन विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना कैट प्लान के तहत प्रभाग स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि जगत सिंह जंगली ने कहा कि वन विभाग को समुदाय के लोगों को साथ लेकर योजनाओं को तैयार करना चाहिये। उन्होनें कहा कि जंगलों में समुदाय को लाभ देने वाली प्रजातियों को विकसित कर वनों से प्रेम की भावना को जगाने का प्रयास करना चाहिये। मिश्रित वन पर विशेष फोकस करते हुए उन्होनें कहा कि कोट मल्ला गांव में उन्होनें इसका बेहतर उदाहरण पेश किया है। मिश्रित वनों को संरक्षित कर जहां पेयजल संकट को दूर किया जा सकता है वहीं वन्य जीव जंतुओं को भी इस वन से पर्याप्त भोजन उपलव्ध हो जाता है। उन्होनें कहा कि वनाग्नि की घटनाओं रोेकने के लिए वन पंचायतों को मजबूत कर ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने के लिये ठोस योजना तैयार करने की जरूरत है।
अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश दुवे ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षणों से कर्मचारियों की क्षमताओं को ओर विकसित किया जा सकता है। उन्होनें कहा कि कैट प्लान के तहत समुदाय की सहभागिता से माइक्रोप्लान तैयार कर विकास कार्यो को धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होनें वनों पर लगनी वाली आग की घटनाओं को रोकने में आम लोगों के सहयोग की अपील की। इस मौके पर हिमाद के सचिव उमाशंकर बिष्ट, नव ज्योति महिला कल्याण के सचिव महानंद बिष्ट, वन क्षेत्राधिकारी मंगल सिंह राणा, केएल भारती, वन दरोगा सुलभ सिंह रावत, देवेन्द्र सिंह नेगी, महेशा सिंह नेगी, बीएल शाह, प्रमोद भटट, किरूली की संरपच गोदाम्वरी देवी, पूर्व संरपच कुंवर सिंह, एमएस बिष्ट आदि ने अपने विचार रखे।
