posted on : December 15, 2025 6:28 pm

गोपेश्वर (चमोली)। पैसा डबल करने का सपना दिखाने वाले 25 साल से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने धरदबोच लिया है। बताते चलें कि 2001 से हिमगिरी प्लांटेशन घोटाले का पांच हजार का ईनामी आरोपी रविंद्र मोहन फरार चल रहा था। इसके चलते लोगों को ठगी का पैसा वापस नहीं मिल पा रहा था। चमोली पुलिस ने इस आरोपी पर पांच हजार का ईनाम घोषित किया था। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने पुलिस की पकड़ में आए अभियुक्त के सम्मुख मामले का खुलासा पत्रकारों के सम्मुख किया। कहा कि मामला वर्ष 2001 का है। जनपद रूद्रप्रयाग के कालीमठ निवासी शिव प्रसाद ने गोपेश्वर थाने में एक गंभीर धोखाधडी की तहरीर दी थी। इसमें कहा गया था कि अभियुक्त रविन्द्र मोहन पुत्र शेर सिंह राणा व उसके भाई राकेश मोहन ने गुप्तकाशी थाना क्षेत्र के जामू गांव में 1993 में हिमगिरी प्लांटेशन नामक कंपनी की स्थापना की थी। दोनों अभियुक्तों द्वारा लोगों को यह लालच दिया गया कि कंपनी में निवेश करने पर कम समय में पैसा दोगुना किया जाएगा तथा आकर्षक ब्याज भी दिया जाएगा। वर्ष 2001 में दोनों भाई जनता के लाखों रुपये लेकर रातों-रात फरार हो गए। इस मामले में रविंद्र मोहन तथा राकेश मोहन के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया। न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को भगोड़ा घोषित किया। इसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, चमोली द्वारा उनके विरुद्ध स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी किए गए।

एसपी पंवार ने बताया कि पुलिस मुख्यालय स्तर से चलाए जा रहे मफरूर/वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभियान के तहत इस मामले को सख्ती से लिया जाता रहा। फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया गया था। ईनामी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए उपनिरीक्षक सतेन्द्र बुटोला के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा नवीन तकनीकों, तकनीकी विश्लेषण, विभिन्न प्रपत्रों, देशव्यापी रिकॉर्ड्स एवं एनएटीजीआरआईडी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अभियुक्तों की व्यापक स्तर पर ढूंढखोज की गई। इस दौरान अभियुक्त से संबंधित दिल्ली का पता प्रकाश में आया। इसकी तस्दीक हेतु दिल्ली एवं नोएडा में पुलिस टीम भेजी गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच में यह जानकारी सामने आई कि अभियुक्त किसी निजि आयोजन के लिए अपने गृह क्षेत्र की ओर आ रहा है। इस इनपुट पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त का लगातार पीछा करते हुए रणनीतिक जाल बिछाया गया और अंततः सोमवार को अभियुक्त रविन्द्र मोहन को रूद्रप्रयाग जनपद के फाटा में धरदबोच लिया गया। उन्होंने बताया कि दूसरे अभियुक्त राकेश मोहन की गिरफ्तारी के लिए भी सघन अभियान जारी है। उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि संगठित वित्तीय अपराधों में लिप्त होकर जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। चमोली पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि अपराधी चाहे कितने भी वर्षों तक फरार क्यों न रहा हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।

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