थराली (चमोली)। पिछले करीब छह माह से पिंडर घाटी क्षेत्र में अपेक्षा से काफी कम बारिश होने के कारण लगभग नष्ट हो चुकी रवि की फसलों के साथ ही अब खरीफ की फसलों पर भी संकट के बादल छाने लगा है। इस संकट से पार पाने व बारिश की कामना के लिए क्षेत्रीय जनता अब मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के लिए जुट गए हैं।
दरअसल पिछले सितम्बर माह के दूसरे पखवाड़े से लेकर अब तक इस क्षेत्र में काफी कम बारिश हुई हैं। जिससे 90 फीसदी से अधिक किसानों की रवि की सीजन की फसल बारिश के अभाव सूख कर नष्ट होने के कगार में पहुंच गई हैं। और खरीफ की फसलों की बुआई बिना बारिश को शुरू ही नही हो पा रही हैं। जिससे आमजन में घोर हताशा व निराशा व्याप्त होने लगी हैं। बारिश की कामना पूरी करने के लिए अब क्षेत्रीय जनता भगवान के मंदिरों में पूजा हवन करने में लग गई है। रविवार को जहां ग्वालदम क्षेत्र की जनता ने ग्वालदम नाग में पूजा-अर्चना कर यज्ञ, हवन किया। वहीं तुगेश्वर, देवराड़ा क्षेत्र के लोगों ने तुंगेश्व खाल स्थित दक्षिण कालिंका के मंदिर में रविवार से ही तीन दिनों की विशेष पूजा-अर्चना शुरू कर दी हैं। इस मौके पर प्रधान हीरा बोरा, सांसद प्रतिनिधि हरीश चंद जोशी, क्षेत्र पंचायत सदस्य गजेंद्र सिंह रावत, जवाहर सिंह, प्रवेंद्र सिंह, जय दत्त जोशी, थराली की क्षेत्र प्रमुख कविता नेगी, रणजीत सिंह नेगी,लोल्टी, अध्यक्ष धनराज सिंह रावत, प्रधान लोल्टी मुकेश गुसाईं, वीरी लाल, मुन्नी देवी मौजूद थे।
