गोपेश्वर/कर्णप्रयाग (चमोली)। विश्व जल दिवस पर सोमवार को चमोली जिले के महाविद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में विश्व जल दिवस की वर्ष 2021 की थीम जल का महत्व विषय पर वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा जल के महत्व, सतत प्रयोग और संरक्षण पर एक व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य प्रो. आरके गुप्ता ने कहा कि विश्वभर में मात्र तीन प्रतिशत जल ही पीने योग्य है, जिसमें दो प्रतिशत बर्फ और एक प्रतिशत ही पीने योग्य जल सुगमता से उपलब्ध है। इन सभी आंकड़ों और जल की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए, सभी विद्यार्थियों को जल संरक्षण और संबर्धन के लिए कार्य करने और समाज को जागरूक करने के लिए शपथ दिलायी गयी। इस मौके पर विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष बेलवाल, डॉ. विनय नौटियाल, डॉ. हेमलता नौटियाल, डाॅ. डीएस नेगी ने अपने विचार रखे।
वहीं दूसरी ओर महाविद्यालय कर्णप्रयाग में भी विश्व जल दिवस पर बच्चों को जल संरक्षण की शपथ दिलायी है। साथ ही एक गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। जिसमें महाविद्यालय के प्राचार्य डा. जगदीश प्रसाद ने बच्चों को जल की उपयोगिता के बारें में जानकारी दी गई तथा इसके संरक्षण के लिए आम लोगों को जागरूक करने को कहा। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डा. आरसी भट्ट के नेतृत्व में जल संरक्षण को लेकर एक जागरूकता रैली भी निकाली गई। इस मौके पर डा. वंदना, डा. एमएस कंडारी, डा.बीआर अंथवाल आदि ने अपने विचार रखे।
