गोपेश्वर/कर्णप्रयाग (चमोली)। महाविद्यालय गोपेश्वर में आजादी का अमृत महोत्सव व नमामि गंगे अभियान कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को गंगा स्वच्छता पखवाड़े के अन्तर्गत नुक्कड़ नाटक और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें सभी संकायों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। वहीं महाविद्यालय कर्णप्रयाग व राजकीय इंटर कालेज माणा घिंघराण में स्वच्छता अभियान पर कार्यक्रम आयोजित किये गये।
महाविद्यालय गोपेश्वर में आयोजित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बीएड संकाय ने प्रथम, विज्ञान संकाय ने द्वितीय व वाणिज्य संकाय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नमामि गंगे अभियान के तहत आयोजित नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में बीएड संकाय ने प्रथम, वाणिज्य संकाय ने द्वितीय एवं कला संकाय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं महाविद्यालय में आजादी के आंदोलन में दांडी यात्रा की महत्ता विषय पर व्याख्यान भी आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता इतिहासकार डॉ. एसएस रावत ने कहा कि गांधी जी की दांडी यात्रा ने लोगो को भावनात्मक रूप से आजादी के आंदोलन से जोड़ा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी प्राचार्य डॉ एमके उनियाल ने कहा कि नुक्कड़ नाटक समाज को जागरूक करने के सशक्त माध्यम हैं और समाज पर इसका दीर्घगामी प्रभाव पड़ता है। इस अवसर पर नमामि गंगे अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. बीसीएस नेगी, अमृत महोत्सव के नोडल अधिकारी डॉ. जेएस नेगी, डॉ. पूजा राठौर, डॉ. मनीष डंगवाल, डॉ. भावना मेहरा, डॉ. राजेश मौर्य, डॉ. विधि ध्यानी, कोऑर्डिनेटर डॉ. डीएस नेगी आदि उपस्थित थे।

इधर महाविद्यालय कर्णप्रयाग में नमामि गंगे अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें पर्यावरण विद जगत सिंह जंगली ने अपने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि यदि हमारे जंगल नहीं बचेंगे तो जल भी नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि जल, जंगल व जमीन को बचा कर ही नदियों को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गंगा की सहायक नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए सभी को सार्थक पहल करनी होगी। इस मौके पर डा. प्रभाकर बडोनी, डा. आरसी भट्ट, प्राचार्य डा. जगदीश प्रसाद आदि ने अपने विचार रखे। दूसरी ओर राइका माण घिंघराण में एनएसएस के छात्रों ने नमामि गंगे अभियान के तहत स्वच्छता अभियान चलाया। कार्यक्रम अधिकारी दिनेश अंथवाल ने बताया कि एनएसएस के छात्रों ने गांवों में जाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
