गोपेश्वर (चमोली)। वन पंचायत सरपंच संगठन की चमोली इकाई ने शनिवार को चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर में प्रदर्शन कर धरना दिया। संगठन ने सरकार से सात सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की है। सरपंचों ने शीघ्र मांगों पर कार्रवाई न होने पर राज्यव्यापी आंदोलन शुरु करने की चेतावनी भी दी है।
शनिवार को चमोली जिले की सभी वन पंचायतों के सरपंच बड़ी संख्या में गोपेश्वर पहुंचे। जहां उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के सम्मुख प्रदर्शन कर धरना दिया। संगठन के अध्यक्ष विनोद प्रसाद तिवाड़ी और सचिव धीरेंद्र गरोडिया ने कहा कि संगठन सरकार से लगातार वन पंचायतों को समृद्ध करने के लिये वन पंचायतों के चुनाव गुप्त मतदान से राज्य में करवाने, गांव की आबादी के अनुसार वन पंचायत के न्यूनतम क्षेत्रफल का निर्धारण करने, वन पंचायतों को नियमित बजट आवंटन प्रक्रिया बनाने के साथ ही वन पंचायतों के विकास कार्य वन पंचातयों के माध्यम से करवाने, वन पंचायत सरपंचों को सम्मानजन मानदेय दिये जाने, वन पंचायतों की रॉयल्टी के शीघ्र भुगतान की प्रक्रिया बनाई जाए, वन पंचायतों की स्वायत्ता की 1931 की तरह पुर्न बहाली करने, वन पंचायतों को वनाधिकारी 2006 के दायरे में लाते हुए ग्राम स्तरीय वन अधिकार समितियों को सक्रिय करने, वन पंचायत नियमावली 2021 के संशोधनों के अनुरुप ब्लॉक, जिला और राज्य परामर्शदात्री समितियों का गठन करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार की ओर से मांगों की अनदेखी की जा रही है। जिससे वन पंचायत के पदाधिकारी स्वयं ठगा सा महसस कर रहे हैं। इस मौके पर वनाधिकारी समिति अध्यक्ष बहादुर सिंह रावत, ऊषा देवी, वीरेंद्र सिंह, अरविंद सिंह, रविन्द्र नेगी आदि मौजूद थे।
