गोपेश्वर (चमोली)। हिमाद समिति की ओर से बुधवार को वर्चुअल माध्यम से समिति के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत विकास कार्यकत्र्ताओं के साथ बैठक की गई। जिसमें कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक रूप से प्रचार प्रसार करने को कहा गया। साथ ही लोगों से अपील करने के लिए कहा गया कि लोग स्वअनुशासन से ही कोरोना की जंग को जीत सकते है।
समिति के सचिव उमाशंकर बिष्ट ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे से बचने के लिए आम व्यक्तियों को करोना प्रोटोकाल को क्रियान्वित करने की पहल करनी होगी। शारीरिक दूरी, नयमित मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोने की आदत डालनी होगी। तभी इस संकट की घड़ी से उभर सकते है। उन्होंने कहा कि इस भयावह वायरस से बचने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को स्वअनुशासित होकर अन्य को जागरूक करने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि वायरस का असर धीरे-धीर पहाड़ के ग्रामीण क्षेत्रों मे दिखने लगा है। जिसके लिए गांव स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से टेस्टिंग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संक्रमण को रोकेने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सरकार की ओर से जारी निर्देशों का पालन कराने के लिए विकास कार्यकत्ताओं को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। गांव मे रह रहे व्यक्तियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका विकास कार्यकत्ताओं को निभानी होगी। तभी हम इस बीमारी से निजात पा सकते हैं। चाइल्ड लाईन समन्वयक प्रभा रावत ने कहा कि विकास कार्यकत्ताओं के माध्यम से आम जन को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करनी होगी। जरूरतमंद व्यक्तियों की मदद करने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खाद्य आदतों को बढावा देने के लिए आम जन को प्रेरित करना होगा। बैठक में माला नेगी, संतोषी बिष्ट, भरत सिंह नेगी, नवीन बिष्ट आदि मौजूद थे।
