posted on : March 26, 2021 5:38 pm

गोपेश्वर (चमोली)। सेन्टर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) की ओर से शुक्रवार को किसान और मजदूर विरोधी केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर धरना दिया गया। इस दौरान यूनियन के पदाधिकारियां जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर छह सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई के लिये केंद्र सरकार को निर्देशित करने की मांग उठाई है।

जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में यूनियन की ओर से केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर प्रदर्शन किया गया। जिसके बाद यहां आयोजित धरने के दौरान यूनियन के अध्यक्ष मदन मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पूरे देश में केंद्र सरकार की ओर से तीन कृषि कानूनों और चार श्रम कोड कानूनों के खिलाफ किसान और मजदूर आंदोलनरत है। लेकिन केंद्र सरकार कानूनों को रद्द करने को लेकर हठ धर्मिता के चलते कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जो लोकतंत्रित व्यवस्था पर सरकार की ओर से किया जा रह प्रहार है। उन्होंने राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कृषि और बिजली बिल 2020 के कानूनों का वापस लेने, चार श्रम कोड कानूनों को वापस लेने, स्थाई कार्य के लिये स्थाई नियुक्ति देते हुए ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, आंगनवाडी, आशा, भोजनमाता और ग्राम प्रहरियों को नियमित करने, देश के सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने और केंद्र व राज्य कर्मचारियों के लिये पुरानी पेंशन नीति बहाल करने के लिये सरकार को निर्देशित करने की मांग उठाई है। इस मौके पर यूनियन के सचिव मनमोहन रौतेला, आंगनवाडी सेविका संघ जिलाध्यक्ष भारती राणा, गीता बिष्ट, गजेंद्र बिष्ट, राजेंद्र सिंह, ऊषा रौतेला, भूपाल सिंह रावत, ज्ञानेंद्र खंतवाल आदि मौजूद थे।

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