जोशीमठ (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ विकास खंड में स्थित भविष्य बदरी मंदिर तक जाने के लिये अब तीर्थयात्रियों व स्थानीय ग्रामीणों को पैदल दूरी नहीं नापनी होगी। ग्रामीणों के आंदोलन के बाद सरकार की ओर से दिये आश्वासन के फलस्वरुप यहां तपोवन-भविष्य बदरी सड़क के आठ किलोमीटर की हिल कटिंग का कार्य पूर्ण हो गया हैं। जिससे क्षेत्र का सुभांई गांव सड़क सुविधा से जुड़ गया है। जबकि भविष्य बदरी मंदिर तक सड़क निर्माण के लिये पांच किलोमीटर हिल कटिंग का कार्य शुरु कर दिया गया है। वर्तमान तक ग्रामीणों और तीर्थयात्रियों को भविष्य बदरी मंदिर पहुंचने के लिये छह किलोमीटर की पैदल दूरी नापनी पड़ रही थी।
बता दें कि वर्षों से सुभांई और भविष्य बदरी के ग्रामीणों की ओर से तपोवन-भविष्य बदरी सड़क की मांग की जा रही थी। लेकिन वर्ष 2018 तक कोई कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों की ओर से जोशीमठ तहसील परिसर में 18 दिनों तक आंदोलन किया गया। जिस पर तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल और बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने मामले में हस्तक्षेप कर ग्रामीणों की बात मुख्यमंत्री से वार्ता करवाई। जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की ओर से मिले आश्वासन के बाद मोहन प्रसाद थपलियाल ने आंदोलन को समाप्त करवाया। जिसके बाद यहां सड़क निर्माण कार्य शुरु किया गया। ऐसे में करीब ढाई साल तक किये गये हिल कटिंग कार्य के बाद शनिवार को तपोवन से आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित सुभांई गांव तक हिल कटिंग कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सुभांई गांव तक हिल कटिंग कार्य पूर्ण होने पर स्थानीय ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। वहीं सड़क के शेष पांच किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिये यहां हिल कटिंग कार्य शुरु कर दिया गया है। ऐसे में अब जल्द ही तीर्थयात्रियों और ग्रामीणों को भविष्य बदरी मंदिर तक आवाजाही के लिये दिक्कतों का सामना नहीं करना होगा।
