कर्णप्रयाग (चमोली)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग गुरूवार को एनएसयूआई का जिला सम्मेलन संपन्न हुआ। जिसमें छात्र हितों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया गया। साथ ही छात्रों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से मांग भी की गई।
सम्मेलन में एनएसयूआई के प्रदेश प्रभारी सतवीर चैधरी ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश सरकार छात्रों के हितों के साथ कुठाराघात कर रही है। तमाम स्कूलों, कालेजों में अध्यापकों के पद रिक्त चल रहे है। जिससे छात्रों के पठन पाठन में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। वहीं उच्च शिक्षा में हो रहे तमाम परिवर्तन भी छात्र हितों के साथ अनदेखी है। इस मौके पर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष संदीप नेगी ने कहा कि अभी आरक्षित वर्ग के छात्रों की वर्ष 2019-20 की छात्रवृत्ति जारी नहीं की गई है। सरकार को चाहिए कि तत्काल छात्रवृत्ति जारी करे। वहीं प्रदेश के 18 अशासकीय महाविद्यालयों की रोकी गई अनुदान की सौ करोड़ की धनराशि जारी करने करने की मांग भी की गई। उन्होंने छात्र निधि के 50 प्रतिशत धनराशि को निदेशालय भेजे जाने का भी विरोध किया है और सरकार से इस आदेश को वापस लेने की भी मांग की है। उन्होंने सरकार के उस फैसले का कड़ा विरोध किया है जिसमें महाविद्यालय खुलने के बाद अब छात्रों से कोविड टेस्ट की रिपोर्ट मांगी जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को कोविड टेस्ट सरकार की ओर से करवाया जाए। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी, कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव हरि कृष्ण भट्ट, जिला अध्यक्ष संदीप सिंह नेगी, प्रकाश रावत, अनूप रावत, सूर्य प्रकाश पुरोहित, सुधीर बिष्ट, दीपक रावत, आयुष नेगी, विपिन फस्र्वाण, रोहित फस्र्वाण मनीषा बिष्ट आदि मौजूद थे।
