posted on : May 28, 2024 6:44 pm

पोखरी (चमोली)। चमोली जिले में पोखरी विकासखंड के तोणजी में उद्यान विभाग की ओर से 50 नाली भूमि पर बना सेब का पौधालय और उद्यान विभागीय लापरवाही के चलते बर्बादी की कगार पर पहुंच  गया है। यहां तक की उद्यान और पौधालय तक पहुंच के लिए बनी सड़क के बीचोंबीच अतिक्रमण होने के बावजूद विभाग कुभंकर्णीय नींद में सोया हुआ है। यहां पर विभाग का एक टीन शैड का कार्यालय भी बना है जो अब उजाड हो गया है। लेकिन विभाग उसकी मरम्मत तक करने को तैयार नहीं है।

सरकार की मंशा के अनुसार काश्तकारों को सेब की प्रजाति के उत्तम किस्म के पौध तैयार करने के साथ ही उद्यान से सेब की अच्छी किस्म के उत्पादन के बाद उसे बाहर विपणन करने के लिए पोखरी विकास खंड के तोजणी में 50 नाली भूमि पर सेब के पौध और उद्यान स्थापित किया गया है। जहां पर वर्तमान समय में 15 सौ से अधिक सेब के पेड और ढाई हजार पौध तैयार किये गये है। ताकि क्षेत्र के काश्तकारों को अच्छी किस्म के सेब के पौध मिल सकें। लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते सब बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। पौधों की सुरक्षा के लिए चार दीवारी न होने से इन पौधों को जंगली जानवर नष्ट कर रहे है, वहीं यहां पर टीन शैड से बना विभागीय कार्यालय भी क्षतिग्रस्त हो गया है। जिस कारण यहां पर कोई नहीं रहता है जिससे पौधालय और उद्यान की सुरक्षा भी भगवान भरोसे चल रही है। ऐसे में काश्तकारों का अच्छी किस्म के पौध लगाने का सपना साकार नहीं हो पा रहा है।

स्थानीय निवासी सतेन्द्र सिंह नेगी ने बताया उद्यान विभाग ने  वर्ष 1968 में इसकी स्थापना की थी। जो वर्तमान में बर्बादी की कगार पर है। उन्होंने कहा कि इस संबध में कई बार शासन-प्रशासन से पत्राचार किया गया। यहां पर बना कार्यालय भी सिर्फ नाममात्र का रह गया है। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग का यह बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है चारदिवारी न होने के कारण जंगली जानवर सब बर्बाद कर देते है। सड़क न होने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान मुकेश नेगी ने कहा कि उद्यान विभाग के इस पौधालय तक पहुंच के लिए जो तीन किलोमीटर सड़क अवरूद्ध है उस पर कार्य शुरू होगा तो उद्यान विभाग के सभी कर्मचारियों को काम करने और देखरेख करने में आसानी होगी।

उद्यान पर्यवेक्षक महेंद्र सिंह ने कहा कि उद्यान विभाग ने 50 नाली जमीन पर सेब के पौध लगाए हैं चार दीवारी न होने के कारण जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है। कार्यालय में ठेहरने के लिए नही है पूरी तरह से क्षतिग्रस्त के कगार पर है। इस सम्बन्ध विभाग को अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में इस उद्यान में 15 सौ सेब के पेड है जो अब फल देने लायक हो गये है और ढाई हजार पौध तैयार किये गये है। जिन्हें काश्तकारों को वितरित किया जाएगा।

क्या कहते है अधिकारी

तोणजी में उद्यान विभाग ने सेब के पौध लगाए है। इनकी सुरक्षा के लिए चारदीवारी का प्रस्ताव रखा है प्रस्ताव पास होने के बाद निमार्ण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा उद्यान विभाग का जो कार्यालय क्षतिग्रस्त हुआ उसका प्रस्ताव पर शासन में है जल्द ही कार्यालय का निर्माण किया जाएगा।

तेजपाल सिंह, मुख्य उद्यान अधिकारी, चमोली।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!