गोपेश्वर (चमोली)। हापला-धोतीधार मोटर मार्ग का सपना 45 साल बाद भी अधूरा रह गया है। इसके चलते ग्रामीणों का केदारनाथ हाइवे से जुड़ने की हसरत सपना बन कर रह गई है। दरअसल पोखरी ब्लॉक के मसोली, सिदेली, नैल, नौली, गोदली, कलसीर, गुडम, डांडा, श्रीगढ़, पाटी तथा जखमाला गांव के लोग 1980-81 से हापला से धोतीधार तक मोटर मार्ग निर्माण की गुहार सरकार से लगा रहे हैं। हालांकि लंबे संघर्ष के बाद हापला से कलसीर होते हुए नैल-नौली तक सड़क का निर्माण हो चुका है किंतु अभी तक भी आठ किमी सड़क का निर्माण अधर में लटका है। इसके चलते सड़क हापला से धोतीधार तक नहीं जुड़ पाई है। स्थानीय लोग लगातार संघर्ष कर रहे है। इसके बावजूद सड़क निर्माण की कोई सुध नहीं ली जा रही है। इसके चलते धोतीधार में केदारनाथ हाइवे से सड़क जुड़ने का सपना साकार नहीं हो पा रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पोखरी में हापला-धोतीधार सड़क निर्माण को पूरा करने का भरोसा दिया था। इसके लिए डंपिंग जोन भी बना दिए गए। बावजूद इसके सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
कलसीर के प्रधान दीपक लाल तथा सामाजिक कार्यकर्ता राकेश राणा ने बताया कि हापला सड़क के धोतीधार में केदारनाथ हाइवे से मिलने से हापला घाटी के ग्रामीणों को जिला मुख्यालय गोपेश्वर पहुंचने में कम समय तो लगेगा ही अपितु दूरी भी काफी घट जाएगी। बरसात के दिनों में गोपेश्वर-पोखरी सड़क के अवरूद्ध रहने की समस्या से भी लोगों को निजात मिलेगी। उनका कहना है कि हापला घाटी के लोग पिछले 45 सालों से धोतीधार तक सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद उनका कोई पूछनहार नहीं है। कहा कि इस मामले में सरकार को तत्काल कार्रवाई करते हुए हापला घाटी के लोगों का धोतीधार तक सड़क से जुड़ने का सपना साकार करना चाहिए। ऐसा नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन को विवश होंगे।
