गोपेश्वर (चमोली)। संयुक्त रामलीला मंच की ओर से चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर में आयोजित लीला में छटे दिन भरत मिलाप की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान भरत और राम के अभिनय ने दर्शकों को भावुक कर दिया, वहीं यहां मंथरा और शत्रुघन के पात्रों ने दर्शकों की जमकर तालियां बटोरी। सोमवार लीला का शुभारंभ नेत्र चिकित्सक डा. किशोर कठैत, डा. यदुनंदन भट्ट और व्यवसायी मदन लाल आर्य ने किया। लीला के दौरान यहां लोकगायक वीके सांवत की ओर से कुमांऊनी लोकगीतों की भी शानदार प्रस्तुति दी गई।
गोपेश्वर में आयोजित लीला में सोमवार को प्रथम दृष्य में राजा दशरथ ने पुत्र वियोग में प्राण त्याग दिये। जिसकी सूचना मिलने पर ननिहाल गये भरत और शत्रुघन के लौटने पर उन्हें भगवान राम, माता जानकी और भ्राता लक्ष्मण के वन गमन की जानकारी मिली। जिसे पर क्रोधित भरत माता कैकई को खरी-खरी सुनाई गई, वहीं इस पूरे प्रकरण के मूल में मंथरा के षडयंत्र की जानकारी होने पर शत्रुघन ने क्रोधित होकर मंथरा को लात मारकर महल से निकाल दिया। जिसके बाद भरत तीनों माताओं, गुरुओं और प्रजा के साथ भगवान राम से मिलने चित्रकूट पहुंचे। जहां भगवान राम ने उन्हें पिता के वचन और राजा के धर्म की बात कहकर लौटने की बात कही। जिस पर भरत भगवान राम के खडाव लेकर अयोध्या लौटे। इस दौरान प्रथम बार लीला में राजा दशरथ को श्रवण कुमार के माता-पिता के श्राप की याद आने पर श्रवण कुमार की लीला के दृष्य का भी मंचन किया गया। जिसे दर्शकों की ओर से खूब सराहा गया। इस मौके प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा, पपेंद्र रावत, राकेश आर्य, सुनील चैहान, महेंद्र सिंह राणा, कमल राणा, राकेश मैठाणी, प्रकाश सिंह, जगमोहन सिंह, अंकित कुमार, अमित मिश्रा, रेखा राणा, माया नेगी आदि मौजूद थे।
