देवाल (चमोली)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद राज्य सरकार की ओर से सैन्य धाम देहरादून में बनाये जाने का चमोली के सवाड़ के ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने राज्य सरकार से सवाड़ गांव में सैन्य धाम बनाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के वीर सैनिक प्रथम विश्व युद्ध से वर्तमान तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में सरकार को देरादून में प्रस्तावित सैन्य धाम को सवाड़ गांव में बनाने को लेकर पुर्नविचार करना चाहिए।
चमोली जिले के सवाड़ गांव के ग्रामणों ने प्रथम विश्व युद्ध से वर्तमान तक भारतीय सेना में विशेष योगादान दिया है। जिसे देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की ओर से सवाड़ गांव में सैन्य धाम बनाने की घोषणा की थी। जिसके बाद उनकी घोषणा के अनुपाल में यहां शहीद स्मारक, सैनिक संग्रहालय और सैन्य विश्राम गृह बनकर तैयार हो चुके हैं। लेकिन अब राज्य सरकार की ओर देहरादून में सैन्य धाम बनाने की कवायद शुरु की गई है। जो सवाड़ के शहीद सैनिकों की अनदेखी के साथ ही सराकरी धन का दुरुपयोग है। जिला पंचायत सदस्य आशा धपोला और देवाल ब्लाक प्रमुख दर्शन दानू का कहना है कि सरकार की ओर से जहां लाखों की लागत से सवाड़ गांव में सैन्य धाम बनाने का कार्य शुरु कर दिया है। वहीं अब देहरादून में सैन्य धाम को प्रस्तावित करना सवाड़ के वीर सैनिकों की शहादत का अपमान होगा। सरकार को पत्र भेजकर सवाड़ में सैन्य धाम बनाने की मांग की गई है। इस मौके पर गोविंद सिंह बिष्ट और मनोज कुमार आदि मौजूद थे।
