गोपेश्वर (चमोली)। विधान सभा चुनाव में बैंकों की भूमिका एवं निर्वाचन व्यय लेखा के संबंध में निर्वाचन व्यय लेखा के नोडल अधिकारी/मुख्य कोषाधिकारी दीपिका चैहान की अध्यक्षता में सोमवार को कोषाधिकारी कार्यालय में बैंक शाखा प्रबन्धकों के साथ एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें सभी बैंकों को चुनाव के दौरान संदेहास्पद नकदी निकासी की दैनिक जानकारी जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराने के लिए जरूरी दिशा निर्देश दिए गए।
व्यय लेखा के नोडल अधिकारी ने कहा कि कि चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी को निर्वाचन खर्चे के लिए अलग से बैंक खाता खोला जाएगा। इसी खाते के माध्यम से निर्वाचन संबंधी सभी व्ययों का लेन देन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से हर अभ्यर्थी को चुनाव प्रचार पर खर्च करने के लिए एक सीमा निर्धारित की गई है। कोई भी अभ्यर्थी इस सीमा से अधिक चुनाव प्रचार पर व्यय नही कर सकता है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को निर्वाचन व्यय के लिए अलग बैंक खाता खोलने के लिए सभी बैंकों में एक काउंटर उपलब्ध कराने के साथ प्राथमिकता के आधार पर इन खातों से लेन-देन की सुविधा प्रदान करें। उन्होंने सभी बैकर्स को निर्वाचन के दौरान बैंक खाते से असामान्य एवं संदेहास्पद नकदी निकासी की दैनिक सूचना अनिवार्य रूप से जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा।
नोडल अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन के दौरान कैश परिवहन वाहनों की भी उडनदस्ता टीमों की ओर से बारीकी से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि एटीएम और बैंकों में कैश पहुंचाने वाले वाहन पर कैश परिवहन से संबंधित पुख्ता दस्तावेज एवं कार्मिकों के पहचान पत्र होना आवश्यक है, अन्यथा अवैध कैश परिवहन मानकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसलिए कैश परिवहन से संबंधित सम्पूर्ण कागजात वाहन में उपलब्ध रहे। कार्यशाला में आईपीसी, आरपी एक्ट आदि विधिक प्रावधानों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान लीड बैंक अधिकारी पीएस राणा, डीजीएम सहकारी बैंक प्रियंका नेगी, एमपीएनबी कुन्दन सिंह रावत, आरएम इन्डस्ट्रियल बैंक समीर जुयाल, आईडीबीआई बैंक से सुभाष सिंह आदि मौजूद थे।
