देवाल (चमोली)। पंचायती राज विभाग की ओर से बुधवार को चमोली जिले के देवाल में पंचायत प्रतिनिधियों का दो दिवसीय क्षमता विकास शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान प्रशिक्षकों की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं के नियोजन और क्रियांवनय के विषय में जानकारी दी गई।
देवाल में आयोजित शिविर के दौरान प्रशिक्षक डॉ सुभाष चंद्र पुरोहित ने पंचायत प्रतिनिधियों को सतत विकास लक्ष्य 2030 के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार यह कार्यक्रम गरीबी उन्मूलन, भुखमरी दूर करना, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, रोजगार सृजन, स्वाथ्य कल्याणकारी, सबको शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध करवाना, सतत उपभोग व उत्पादन पैटर्न सुनिश्चित करना, लैंगिक समानता हासिल करना, जलवायु परिवर्तन व उसके प्रभावों से निपटने के लिए तत्कालिक कार्यवाही करना जैसे 17 लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये संचालित किया जा रहा हैं। जिसमें पंचायतों और पंचायत प्रतिनिधियों को योगदान महत्वपूर्ण है। डॉ किरन पुरोहित ने कहा कि पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढने से महिलाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास है। जो समाज और विकास के लिये बेहतर संकते हैं। एडीओ पंचायत डीएल आर्य ने दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग न्याय पंचायत देवाल के पंचायत सदस्यों को सम्बोधित करते हुए कहा कि ग्राम्य विकास के लिये पंचायत प्रतिनिधियों का दृष्टिकोण और विकास कार्यों के नियोजन व क्रियांवयन का विशेष महत्व है। पंचायत प्रतिनिधि प्रशिक्षण में मिली जानकारी के आधार पर गांवों का विकास सुगमता से कर सकेंगे। इस मौके पर ग्राम विकास अधिकारी प्रमिला रावत, ग्राम विकास अधिकारी नरेश चंदोला, कंचना देवी, अरविंद भंडारी, यशोदा देवी आदि मौजूद थे।
