थराली (चमोली)। चमोली जिले में पीएमजीएसवाई ओर से नारायणबगड- चोपता सड़क पर किये जा रहे अपग्रेडेशन और डामरीकरण कार्य पर चोपता, तुनेड़ा, परखाल के ग्रामीणों ने सवाल उठाया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी के लिये विभागीयअ अधिकारियों और ठेकेदार पर गठजोड़ का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने मामले जिला प्रशास से कार्रवाई की मांग उठाई है।
बता दें कि पीएमजीएसवाई की ओर से 24 किमी नारायणबगड-चोपता सड़क का अपग्रेडेशन तथा डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है। जिसके लिये 18 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई थी। जिसे विभाग की ओर से पुनः बढा दिया गया है। लेकिन अब ग्रामीणों की ओर से यहां विभाग और ठेकेदार पर डीपीआर के मानकों के अनुरुप कार्य न करने का आरोप लगाया गया है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशपाल नेगी और मनमोहन सिंह का कहना है कि सड़क पर किया गया डामरीकरण वाहनों की आवाजाही से उखड़ रहा है। वहीं पुस्तों के निर्माण में भी गुणवत्ता की भारी अनदेखी की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले में विभागीय अधिकारियों के साथ ही जिलाधिकारी को भी गुणवत्ता की कमी की शिकातय की गई। लेकिन वर्तमान तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
नारायणबगड़-चोपता सड़क पर डामरीकरण और निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनेदखी की ग्रामीणों की ओर से शिकातय की गई है। जिसे दिखवाया जा रहा है। यदि सड़क निर्माण में कोई अनियमितता की गई है। तो उसे चिंहित कर बरसात खत्म होने के बाद चिंहित स्थानों पर पुनः कार्य करवाया जाएगा।
प्रमोद गंगाड़ी, अधिशासी अभियंता, पीएमजीसवाई।
