नंदप्रयाग (चमोली)। चमोली जिले के राजबगठी गांव में जल संस्थान की लापरवाही ग्रामीण पेयजल उपभोक्ताओें के लिये आफत का सबब बनी हुई है। जिससे यहां ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति के लिये स्वयं के संसाधनों वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले में कई बार जल संस्थान के अधिकारियों से लाइन के सुधारीकरण की मांग की गई। लेकिन वर्तमान तक स्थिति जस की तस बनी हुई हैं।
बता दें कि बीते जून माह में राजबगठी गांव में पेयजल निगम की ओर से हर घर नल, हर घर जल योजना के तहत निर्मित जेथागाड़-राजबगठी पेयजल योजना बारिश के चलते क्षतिग्रस्त हो गई थी। योजना संचालन जल संस्थान की ओर से किया जा रहा है। जिसके बाद ग्रामीणों ने गांव के लिये स्वयं संसाधनों बनाई गई पेयजल लाइन का सुधारीकरण कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। लेकिन लाइन की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के चलते गांव में बार-बार पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है। ग्राम प्रधान राधा देवी, जीतेंद्र सिंह, रघुनाथ सिंह, अनुष्मान रावत का कहना है कि पेयजल निगम की ओर जैंथागाड़ में बनाया गया सप्लाई हैड और नहर जून माह की पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को तत्काल दी गई। लेकिन वर्तमान तक योजना का सुधारीकरण नहीं हो सका है। जिससे ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों जिला प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग उठाई है।
जैंथागाड़-राजबगठी पेयजल योजना के सुधारीकरण के लिये आपदा मद से सुधारीकरण कार्य प्रस्तावित किया गया है। जिसके लिये धनराशि विभाग को मिल गई है, जल्द ही सुधारीकरण कार्य के लिये टैंडर प्रक्रिया पूर्ण कर लाइन का सुधारीकरण कर पेयजल की आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
यशवंत सिंह नेगी, कनिष्ठ अभियंता, जल संस्थान, गोपेश्वर।
