गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ विकास खंड के आपदा प्रभावित क्षेत्र में इन दिनों हो रही वर्षा से नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है जिससे ग्रामीणों में भय का वातावरण बना है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार शासन प्रशासन से स्थाई समाधान के साथ ही अत्यधिक भूस्खलन वाले क्षेत्र के लोगों को विस्थापित किये जाने की मांग की जा रही है लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई कारगर कदम नहीं उठाया है।
बता दे कि बीती सात फरवरी को ऋषिगंगा में हिमस्खलन के कारण भारी तबाही हुई थी। जिसके चलते रैणी समेत कई गांवों के साथ ही ऋषिगंगा नदी पर बनी ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट व तपोवन का बैराज नैस्तनाबूत हो गया गया था। इससे कई लोग इससे प्रभावित हुए थे और कई लोगों ने अपनी जान गंवाई थी अभी भी कुछ लोग इस आपदा में लापता चल रहे है। रैणी में इस आपदा के कारण कई घरों में दरारे भी आ गई थी। जिससे लोग अभी भी डरे व सहमें हुए है। सुखी के प्रधान लक्ष्मण सिंह बुटोला व पुष्कर सिंह का कहना है कि आजकल क्षेत्र में भारी वर्षा हो रही है। अभी वर्षात का मौसम भी शुरू होने वाला है ऐसे में अभी से नदी का जल स्तर बार-बार बढ़ने से लोग दहशत में है। लोगों के घरों में आपदा के कारण आयी दरारे भी बढ़ने लगी है। भारी वर्षा के दौरान लोग रातों सो नहीं पा रहे है। उन्होंने कहा िकइस संबंध में कई बार शासन प्रशासन से स्थाई समाधान के साथ ही अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र के लोगों को सुरक्षा वाले स्थानों पर विस्थापित किये जाने की भी मांग की जा रही है लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
आपदा प्रभावित क्षेत्र का सर्वे करवाया गया है। टीम ने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। एकाध दिन में रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लायी जायेगी।
नंदकिशोर जोशी, आपदा प्रबंधन अधिकारी चमोली।
