जोशीमठ (चमोली)। चमोली जिले के से लगने वाले भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र के गांवों में जहां सरकार की ओर से निजी संचार कंपनी की मदद से संचार सेवा बहाल तो की गई है लेकिन नीती घाटी के कोषा गांव के 40 परिवारों को कंपनी की संचार सेवा का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में कोषा गांव के ग्रामीणों को वर्तमान में भी संचार सुविधा के लिये तीन से पांच किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। जिससे ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही गांव के बच्चों के लिये ऑन लाइन पढाई भी सपना बन कर रह गई है।
चमोली जिले के भारत-चीन सीमा से लगी नीति घाटी में स्थिति कोषा गांव में वर्तमान में 40 परिवारों के दो सौ से अधिक ग्रामीण निवास कर रहे हैं। वहीं राज्य में लगे कोरोना कफ्र्यू के चलते इन दिनों कॉलेज और स्कूलों में पढने वाले 25 बच्चे भी अपने परिवार के साथ गांव में निवास कर रहे हैं। लेकिन गांव में संचार सुविधा न होने के चलते यहां बच्चों की ऑन लाइन पढाई अभिभावकों के लिये परेशानी का कारण बनी हुई है। कोषा के ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह और देवेंद्र सिंह का कहना है कि गांव में संचार सेवा न होने से जहां ग्रामीण संचार सुविधा के लिये तीन किलोमीटर की दूरी कर भापकुंड और पांच किमी मलारी जाने को मजबूर हैं। वहीं ऐसे में ग्रामीणों को 108 जैसी ऑन लाइन सेवा की सुविधा के लिये भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार मामले में प्रशासन को जानकारी दिये जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
