गोपेश्वर (चमोली)। मेहरगांव में पहले घरों में तोड़ फोड और अब आगजनी की घटना से ग्रीष्मकाल में प्रवास करने वाले जनजाति के लोग अपने भवनों की सुरक्षा को लेकर डरे हुए है। बताते चले कि नीती घाटी का मेहरगांव जनजाति के लोगों के ग्रीष्मकालीन प्रवास का गांव है। शीतकाल में यहां के वाशिदें निचले क्षेत्रों में चले आते है और इन घरों को बंद कर देते है। इस दौरान गांव में मानव रहन सहन होने के चलते कुछ समय पूर्व मेहरगांव के दस घरों में तोड़ फोड की घटना सामने आई थी। इसे भालुओं की ओर से किए जाने की बात भी कही गई थी लेकिन कुछ लोग इसे चोरी की मंशा से की गई तोड़फोड़ भी मान रहे है।
मेहरगांव के पूर्व उप प्रधान राजेंद्र सिंह रावत का कहना है कि कुछ समय पूर्व उनके स्वयं के घर समेत विनोद सिंह रावत, जगदीश रावत, दिनेश रावत, अबल सिंह टोलिया, मदन सिंह टोलिया, वीरेंद्र सिंह टोलिया, सावित्री टोलिया, पवन सिंह के घरों में तोडफोड की घटना सामने आई थी। इसके बाद 17 दिसंबर की रात्रि को आग की घटना सामने आई है। इसमें मदन सिंह टोलिया, उत्तम सिंह टोलिया, वीरेंद्र सिंह टोलिया, सावित्री टोलिया के घर जलकर स्वाहा हो गए है। कहा कि समय रहते सीमा क्षेत्र में तैनात 25 राजपूत रेजिमेंट के ले. रोहित चंदेल, सुबेदार महिपाल सिंह ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर आग को बढ़ने से रोकने में मदद की अन्यथा अन्य घर भी इसकी चपेट में आ सकते थे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि पीड़ित परिवार पुनः अपने घरों को बना सकें।
