गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के डुमक और कलगोठ गांवां में इन दिनों बड़ी संख्या में ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। लेकिन गावं के स्वास्थ्य केंद्र पर दवाईयां न होने से ग्रामीणों की दिक्कतें बढ गई हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से परीक्षण, उपचार व दवाईयां उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्राम प्रधान कलगोठ वीरा देवी और लक्ष्मण सिंह का कहना है कि डुमक और कलगोठ गांवों में इन दिनों दो सौ से अधिक ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। कई ग्रामीण बीते तीन से चार दिनों से बिस्तर पर लेटे हुए हैं। उन्होंने बताया स्वास्थ्य केंद्र पर तैनाती फार्मेस्टि और एएनएम की ओर से केंद्र पर दवाईयां खत्म होने की बात कही जा रही है। ऐसे में ग्रामीणों में कोरोना संक्रमण होने की आशंका को लेकर भय कर माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा मामले में सीएचसी जोशीमठ को भी जानकारी दी गई है। लेकिन वर्तमान तक दवाईयां न मिलने से ग्रामीण अपने संसाधनों से घर में ही उपचार ले रहे हैं। कहा कि गांव की सड़क से 19 किलोमीटर पैदल दूरी होने के चलते ग्रामीणों को चिकित्सालय पहुंचा कठिन है। ऐसे में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से ग्रामीणों का गांव में टीम भेजकर परीक्षण व उपचार करने की मांग की गई है।
कलगोठ और डुमक गांव में ग्रामीणों के बुखार से पीड़ित होने की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कर्मचारियों को आवश्यकता के अनुरुप सीएचसी जोशीमठ से दवाईयां लेने के निर्देश दे दिये गये है। वहीं कर्मचारियों से कोरोना के संदिग्घ मरीजों को अन्य ग्रामीणों से दूर रखने और संख्या बताने के लिये कहा गया है। आवश्यकता हुई तो विभागीय टीम गांव में जाकर ग्रामीणों का परीक्षण व सैम्पल लेगी।
डा. एमएस खाती, प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी, चमोली।
