जोशीमठ (चमोली)। भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र के गांवों के साथ ही चीन सीमा क्षेत्र में तैनात सेना के जवानों को अब जल्द ही डबल लेन सड़क की सुविधा मिल सकेगी। बीआरओ की ओर से घाटी को यातयात से जोड़ने वाली मलारी-नीती सड़क को चैड़ीकरण करने की योजना तैयार कर जी है। जिसे वित्तीय वर्ष 2023-2024 में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
बता दें कि नीती घाटी के 15 से अधिक गांवों के साथ ही भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाली जोशीमठ-मलारी सड़क को उपयोगिता के अनुसार मलारी तक पूर्व में सड़क का बीआरओ की ओर से डबल लेन चैड़ीकरण कर लिया गया था। अब सीमा क्षेत्र में आधुनिक हथियारों को सुगमता से सीमा क्षेत्र में पहुंचाने और द्वितीय रक्षा पंक्ति के गांवों को बेहतर यातायता सुविधा प्रदान करने के लिये बीआरओ की ओर से 18 किलोमीटर मलारी से नीति सड़क के डलब लेन निर्माण की योजना तैयार कर ली है। सड़क को सुविधा सम्पन्न बनाने के लिये सड़क पर 17 पुल भी प्रस्तावित किये गये हैं। जिससे बारिश के दिनों में गदेरों के बढने पर सड़क पर आने वाले मलबे की समस्या से भी स्थाई रुप से छुटकारा मिल सकेगा।
मलारी से नीती गांव तक सड़क को डबल लेन निर्माण की योजना तैयार की गई है। जल्द ही सड़क निर्माण और वित्तीय स्वीकृति मिलते ही सड़क का निर्माण कार्य शुरु किया जाएगा। 18 किलोमीटर में सड़क का चैड़ीकरण होने से जहां घाटी के ग्रामीणों की आवाजाही सुगम होगी। वहीं भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र में सेना की आवाजाही के साथ ही आधुनिक हथियारों को सुगमता से सीमा क्षेत्र तक पहुंचाया जा सकेगा।
कर्नल मनीष कपिल, कमांडर, बीआरओ, जोशीमठ।
