जोशीमठ (चमोली)। चमोली जिले की नीती घाटी में पहली बार नीती स्नो बोर्डिंग कर जोशीमठ के युवाओं ने घाटी में साहसिक खेलों के आयोजन की पहल की है। यहां युवाओं की ओर से नीती गांव के समीप स्थित टिम्मरसैंण मंदिर के समीप की पहाड़ी पर करीब चार किमी स्नो बोर्डिंग कर सहासिक खेलों के दीवानों का ध्यान खीचने का काम किया है। युवाओं का कहना है कि यदि सरकार इस ओर प्रयास करती है तो घाटी में अप्रैल माह तक शीतकालीन साहसिक खेलों का आयोजन किया जा सकता है।
बता दें कि जोशीमठ के स्नो बोर्डिंग के दीवाने मयंक डिमरी, अंशुमन बिष्ट और प्रमोद पंवार ने पहली बार नीती घाटी की पहाड़ी पर स्नो बोर्डिंग की है। जो घाटी में शीतकालीन खेलों और साहसिक पर्यटन के लिये नहीं मुहीम है। घाटी में पहली बार स्नो बोर्डिंग करने वाले मयंक डिमरी ने बताया कि औली में बर्फवारी न होने के चलते इस बार वे स्नो बोर्डिंग नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में स्नो बोर्डिंग का जुनून उन्हें घाटी की ओर खींच लाया। अंशुमन बिष्ट व प्रमोद पंवार का कहना है कि घाटी में बड़ी संख्या में प्राकृतिक स्की स्लोप हैं, यदि सरकार और स्की फैडरेशन की ओर से पहल की जाती है। तो घाटी में अप्रैल माह तक शीतकालीन खेलों आयोजन सरलता से किया जा सकता है। उन्होंने बताया घाटी में कम बर्फवारी के बावजूद अप्रैल माह तक बर्फ जमी रहती है। उन्होंने कहा कि अपने संसाधनों से उन्होंने इस बार स्नो बोर्डिंग की पूरे अभियान में जहां बर्फीली पहाड़ी पर चढने में युवाओं तीन घंटे का समय लगा। वहीं ढलान पर स्नो बोर्ड के सहारे फिसलते हुए महज 15 मिनट में वे एंडिगं प्वांइट पर पहुंच गये थे।
