गोपेश्वर (चमोली)। जंगली जानवरों के आंतक से निजात दिलाने में विभागीय लापरवाही से नाराज उक्रांद कार्यकर्ताओं ने गोपेश्वर जुलूस प्रदर्शन कर डीएफओ का घेराव कर कार्यालयों की तालाबंदी की। उक्रांद जिलाध्यक्ष युद्धवीर सिंह नेगी के नेतृत्व में उक्रांद कार्यकर्ताओं ने बस स्टेशन से जुलूस प्रदर्शन की शुरूआत की। यह जुलूस प्रदर्शन नगर की सड़कों से होता हुआ बदरीनाथ तथा केदारनाथ वन प्रभाग के कार्यालयों तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी के बीच डीएफओ का घेराव कर कार्यालयों की तालाबंदी की। इस अवसर वक्ताओं का कहना था कि डीएफओ तथा सरकारी तंत्र जंगली जानवरों से लोगों को बचाने में नाकामयाब साबित हो रहा है। इसके चलते अधिकारियों को कार्यालयों में बैठने को कोई नैतिक अधिकार नहीं रह जाता।
दल के पूर्व केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण ने कहा कि जनपद चमोली में कुछ महीनों में ही भालू के हमलों से केदारनाथ डिविजन में 1 व्यक्ति की मौत व 6 लोग घायल हो चुके हैं। इसी तरह बदरीनाथ डिविजन में 2 व्यक्तियों की मौत व 13 लोग भालू के हमले से घायल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के पास यह जानकारी भी नहीं है कि वर्तमान समय में जिले की सीमा में कितने भालू व बाघ सक्रिय हैं। उन्होंने इस तरह के हालातों को चिंताजनक बताया। जिला कार्यकारी अध्यक्ष पंकज पुरोहित ने कहा कि वन विभाग को अतिशीघ्र भालुओं को पकड़कर आबादी क्षेत्र से बाहर करना होगा। मौजूदा समय में लोग भालुओं के आंतक से घरों से बाहर ही नहीं निकल पा रहे है। लोंगों की जान पर हर समय मौत का खतरा मंडरा रहा है। जिला महामंत्री सुबोध बिष्ट ने कहा कि आजकल गांवों के हालात यह हो गए हैं कि जंगल न जाने के कारण ग्रामीणों का चूल्हा तक जलना मुश्किल हो गया है।
गोपेश्वर के नगराध्यक्ष अशोक बिष्ट ने कहा कि जनता लगातार इन जंगली जानवरों के हमलों से हैरान परेशान है। इसके बावजूद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि विभाग जंगली जानवरों के आंतक से छुटकारा दिलाने के लिए किसी ठोस रणनीति पर काम करता नहीं दिखाई दे रहा है।
इस दौरान दीपक राणा, दुर्लप सिंह पडियार, पुष्पा झिंक्वाण, दीपक फरस्वाण, पूरण सिंह फरस्वाण, कुंवर दानू, देवेंद्र फरस्वाण, विक्रम रावत आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
