गोपेश्वर (चमोली)। केंद्र सरकार की ओर से किसानों के उपर थोपे गये तीन कानूनों के विरोध में किसानों के आंदोलन को छह माह पूरा होने पर बुधवार को किसानों के समर्थन में वामपंथियों व आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए शारीरिक दूरी बनाते हुए हाथों पर काली पट्टी बांध कर धरना देते हुए काला दिवस मनाया।
केंद्र की भाजपा सरकार की किसान तथा मजदूर विरोधी नीतियों के विरुद्ध बुधवार को 26 मई को संपूर्ण देश में काला दिवस के रूप में मनाया गया। चमोली जनपद में भी भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माक्र्सवादी तथा वर्गीय संगठन अखिल भारतीय किसान सभा एवं सीआईटीय, जन संगठन नौजवान सभा, एसएफआई, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के कार्यकर्ताओं ने कोरोना महामारी को देखते हुए अपने अपने घरों में काले झंडे वह पार्टी तथा संगठन के झंडों के साथ धरना दिया। सीपीएम के जिला सचिव भूपाल सिंह रावत ने कहा कि हमारी मांग है कि कि तीनों काले कृषि कानून वापस लिए जाएं, किसानों की फसलों का समर्थन मूल्य घोषित कर उनकी फसलों को समर्थन मूल्य पर ही खरीदने के लिए कानून बनाया जाए। इस करोना काल में आयकर न देने वाले परिवारों को साढे सात हजार प्रति माह दिया जाए, देश के सभी नागरिकों को मुफ्त में राशन दी जाए, जो लोग इस कोरोना काल में बेरोजगार हुए हैं उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाए, कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों को मुफ्त में दवाई, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, बेड आदि की सुविधा निशुल्क दी जाए। चमोली जिले के जोशीमठ, गडोरा, किरुली, घाट, घूनी, बूरा, कर्णपरयाग, कण्डारा, खत्याडी, नारायण बगड़, मींग, बैनोली, सूइया, देवाल, तलवाड़ी, ग्वालदम, आदि स्थानों पर धरना दिया गया जिसमें सीटू के जिलाध्यक्ष मदन मिश्रा, जिला सचिव मनमोहन, किसान सभा के जिलाध्यक्ष राजपाल कन्याल, जिला मंत्री पुरुषोत्तम सती, एसएफआई की ज्योति बिष्ट, डीवाईएफआई के जिलाध्यक्ष कमलेश गौड, जिला सचिव राजेंद्र सिंह नेगी, किसान सभा के उपाध्यक्ष सीपीएम के जिला मंत्री भोपाल सिंह रावत, मोहन सिंह रावत, बस्ती लाल, जनवादी महिला समिति की जिला सचिव गीता बिष्ट, जिला अध्यक्ष पुष्पा किमोटी, किसान सभा के नेता ज्ञानेंद्र खंतवाल, नंदन सिंह नेगी, नरेंद्र रावत, कुंवर राम आदि शामिल थे।
इधर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी चमोली जिले के विभिन्न स्थानों पर कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए हाथों में काली पट्टी बांध कर धरना दिया गया। पार्टी के पूर्व बदरीनाथ विधान सभा प्रभारी अनूप रावत, संगठन मंत्री कुलदीप नेगी, अनुराग पोखरियाल ने कहा कि किसान आंदोलन के छह माह बीत जाने के बाद भी अभी तक सरकार उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं कर रही है जो कि सरासर गलत है और सरकार को इसका खामियाजा भुगतने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को अविलंब किसानों की मांगों को पूरा कर आंदोलन को समाप्त करना चाहिए।

