रूद्रप्रयाग। राजकीय एलटी समायोजित/प्रोन्नत शिक्षक संघर्ष मंच ने प्रदेशस्तरीय वर्चुअल बैठक कर अभी तक उन्हें चयन व प्रोन्नत वेतनमान न दिये जाने पर रोष व्यक्त करते हुए कोरोना काल के बाद आरपार की लडाई लडने का मन बनाया है। उन्होंने शिक्षा निदेशालय में आमरण अनशन कियेे जाने की चेतावनी भी दी है।
संघर्ष मंच के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर फुलेरिया ने कहा कि 2009 में उन्हें बेसिक से माध्यमिक में समान पद पर पदोन्नत किया गया था। लेकिन उन्हें न तो बेसिक की सेवाओं लाभ दिया गया और ना ही चयन व प्रोन्नत वेतनमान दिया जा रहा है। जिससे उन्हें आर्थिक क्षति हो रही है। उनका कहना है कि जो लोग चयन व प्रोन्नत वेतनमान की मांग को लेकर न्यायालय की शरण में गये थे उन्हें तो सरकार न यह लाभ दे दिया है लेकिन शेष बचे हुए शिक्षको को अभी तक कोई लाभ नहीं मिला है। उनका कहना था कि इसी मांग को लेकर मंच ने पूर्व में भी शिक्षा निदेशालय पर सांकेतिक धरना दिया था उसके बावजूद भी उनकी मांग पर गौर नहीं किया है। साथ ही कई बार विभागीय अधिकारियों से वार्ता की जा चुकी है लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्हें कहा कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं किया जाता है तो वे कोरोना काल के बाद निदेशालय पर आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे। बैठक में अल्मोडा से प्रदीप वर्मा, देहरादून से कविंद्र बिष्ट, रूद्रप्रयाग से हर्षवर्धन शुक्ला, केएस पुष्पवाण, शांति गुंसाई सहित सभी जिलों के के पदाधिकारी मौजूद थे।
