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posted on : September 21, 2026 4:24 pm
  • सैन्यधाम के मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग का धरना

देहरादून। सैन्यधाम की लागत, निर्माण कार्य और अब तक हुए खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सैनिक विभाग ने सोमवार को सैन्यधाम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व सैनिकों ने परियोजना की स्वतंत्र जांच कराने और इससे जुड़े सभी वित्तीय एवं निर्माण संबंधी विवरण सार्वजनिक करने की मांग उठाई।

धरने से पहले कांग्रेस भवन में एकत्र हुए पूर्व सैनिक विभाग के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सैन्यधाम पहुंचे। यहां शहीदों और सैनिकों को नमन कर दो मिनट का मौन रखा गया।

पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने कहा कि सैन्यधाम शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान से जुड़ा विषय है। ऐसे में जनता को यह जानने का अधिकार है कि परियोजना की स्वीकृत लागत कितनी है, अब तक कितना खर्च हुआ, किस एजेंसी को कौन सा काम दिया गया, कितनी बार लागत या कार्य में संशोधन हुआ और निर्माण की वर्तमान स्थिति क्या है। उन्होंने इन सभी जानकारियों को सार्वजनिक करने के साथ पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच की मांग की।

उन्होंने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के सैन्यधाम से चुनावी लाभ लेने संबंधी बयान की आलोचना की। धरने में मौजूद पूर्व सैनिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर मंत्री के इस्तीफे की मांग का प्रस्ताव भी पारित किया।

कांग्रेस उपाध्यक्ष सुजाता पॉल ने गणेश जोशी से जुड़े विभिन्न विभागीय और राजनीतिक मुद्दों को उठाते हुए सरकार से आरोपों पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने उद्यान विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों, मसूरी विधानसभा क्षेत्र में जंगलों के कटान और पर्यावरणीय क्षति, भूमि आवंटन में नियमों के उल्लंघन के आरोपों तथा रेहड़ी-पटरी कारोबारियों से जुड़े मामलों का उल्लेख किया।

कांग्रेस प्रवक्ता अधिवक्ता पंकज क्षेत्री ने गणेश जोशी से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले और न्यायालय की कार्यवाही को लेकर दिए गए सार्वजनिक बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों को लेकर सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को न्यायिक प्रक्रिया और संस्थाओं की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।

धरने में सैन्यधाम का हिसाब दो के तहत सरकार से छह सवाल पूछे गए—परियोजना की स्वीकृत लागत कितनी है, अब तक कितना खर्च हुआ, लागत में कितनी बार संशोधन हुआ, किस एजेंसी को कौन सा काम मिला, कितना कार्य पूरा हुआ और शेष कार्य कब तक पूरा होगा।

धरना स्थल पर जवाबदेह सरकार के प्रतिनिधि के नाम से एक खाली कुर्सी रखी गई और संबंधित अधिकारी को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया। पूर्व सैनिक विभाग ने परियोजना की लागत, व्यय, निविदाओं, कार्यादेशों, संशोधनों, निर्माण प्रगति और समयसीमा को सार्वजनिक करने तथा स्वतंत्र जांच की मांग से जुड़े दो प्रस्ताव और मांग-पत्र एसओ राजपुर पीडी भट्ट के माध्यम से सरकार को भेजे।

धरने में कर्नल राम रतन नेगी, सुजाता पॉल, अधिवक्ता पंकज क्षेत्री, गोपाल सिंह गड़िया, विजय गोस्वामी, रविंदर सिंह बर्तवाल, सरजीत कृषाली, राम सिंह बिष्ट, वीरेंद्र सिंह बिष्ट, ब्रिगेडियर डंगवाल, डॉ. प्रतिमा सिंह और राजेंद्र शाह समेत पूर्व सैनिक विभाग के पदाधिकारी एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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