जोशीमठ (चमोली)। कोविड संक्रमण को देखते हुए एक माह की देरी से अब शासन के निर्देश पर वन महकमे ने फूलों की घाटी को एक जुलाई से खुलने की कवायद शुरु कर दी है। घाटी के दीदार के लिये पर्यटकों को कोविड नियमों के पालन के साथ ही 72 घंटे पूर्व की कोविड नेगेटिव दिखानी आवश्यक होगी।
बता दें कि पूर्व में फूलों की घाटी को प्रतिवर्ष पर्यटकों की आवाजाही के लिये एक जून को खोल दी जाती थी। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते जहां बीते वर्ष भी निर्धारित समय से दो माह बाद खोली गई थी। ऐसे ही इस वर्ष भी कोरोना संक्रमण को कम होता देख अब एक माह बाद घाटी को पर्यटकों के लिखे खोलने का निर्णय लिया गया है। घाटी को खोलने से पूर्व नंदा देवी बायोस्फियर के वन सरंक्षक अमित कंवर और नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के उप वन संरक्षक नंदा बल्लभ शर्मा ने घाटी का निरीक्षण कर लिया है। उन्होंने बताया की घाटी के मार्ग को दुरुस्त कर लिया गया है। कुछ स्थानों पर बीते दिनों हुई बारिश से पैदल आंशिक रुप से क्षतिग्रस्त है। जिसका सुधारीकरण करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घाटी को एक जुलाई से पर्यटकों के लिये खोल दिया जाएगा। घाटी के दीदार को आने वाले पर्यटकों को जहां कोविड 19 के सरकार की ओर से जारी नियमों का पालन करना होगा। वहीं घाटी में प्रवेश के लिये पर्यटकों को 72 घंटे पूर्व की गई कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी भी अनिवार्य होगी। पार्क प्रशासन की ओर से घांघरिया और गोविंदघाट में पर्यटकों की जांच की व्यवस्था की गई है।
फूलों की घाटी 50 किस्म के फूलां से है गुलजार, दुर्लभ प्रजातियों के फूल भी सबाब पर
फूलों की घाटी का निरीक्षण कर लौटे नंदा देवी बायोस्फियर के वन संरक्षक अमित कंवर ने बताया कि घाटी में इन दिनों 50 से अधिक प्रजाति के हिमलायी फूल खिल गये हैं। जिससे घाटी फूलों से गुलजार है। कहा कि घाटी में इस बार हत्था जड़ी, ब्ल्यू प्यूपी, हिमालयन स्लिपर अर्किड जैसे दुर्लभ प्रजाति के फूल भी सबाब पर हैं।
