जोशीमठ (चमोली)। बार्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के बीस सदस्यी दल ने रिकार्ड वक्त पांच दिनों में हिमालय की गरुड़ चोटी को फतह कर लिया है। जबकि सामान्य रुप से चोटी की चढाई पूरी करने में 10 से 15 दिनों का समय लगाता है। बीएसएफ की 20 सदस्यीय टीम ने दो दलों के रुप में बेस कैम्प से चोटी को 29 जून से 4 जुलाई के मध्य फतह कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
बता दें कि वर्ष 2019 के बाद हिमलाय की 6 हजार मीटर की ऊँचाई पर स्थित गरुड़ चोटी को फतह करने वाल यह पहला दल है। फोर्स के कमाडेंट महेश कुमार नेगी ने बताया कि दल 24 जून को बीएसएफ का 20 सदस्यीय पर्वातारोही दल आईटीबीपी सुनील पहुंचा। जिसके बाद 25 को जुम्मा, 27 को द्रोणागिरी, 28 को बागनी ग्लेशियर और 29 को दल 4350 मीटर की ऊंचाई पर स्थिति गरुड़ चोटी के बेस कैम्प पहुंचा। जिसे बाद 30 जून को पर्वातारोण शुरु कर 1 जुलाई को दल बेस कैम्प की 15 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचा। जहां से 3 जुलाई को पहले 10 सदस्यी दल ने मौसम के अनुसार ग्रांड एडवेंचर के राजेन्द्र मर्तोलिया के नेतृत्व में रात्रि 12 बजकर 11 मिनट पर चोटी की चढाई शुरु कर 4 बजकर 24 मिनट पर चोटी फतह कर चोटी पर तिरंगा फहराया। जिसके बाद दल 7 बजे बैस कैम्प पहुंचा। जबकि दूसरे दल ने 4 जुलाई को डीसी दिनेश कुमार के नेतृत्व में रात्रि 12 बजकर 9 मिनट पर अभियान शुरु कर सुबह 3 बजकर 43 मिनट पर गरुड़ चोटी पर तिरंगा फहराया। अभियान पूर्ण कर जोशीमठ पहुंचे दल के कमांडेंट महेश कुमार का कहना है कि यह पहली बार है कि गरुड़ चोटी के पर्वातारोहण अभियान को किसी दल ने रिकार्ड 5 दिन में पूर्ण किया है।
