गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के पीलकोटी में निर्माणाधीन 444 मेगावाट की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के पावर हाउस साइड पर शुक्रवार को हाट गांव के भवनों को ध्वस्त करने पहुंची तहसील और पुलिस प्रशासन की टीम को ग्रामीणों को खासा आक्रोश झेलना पड़ा। यहां स्थानीय ग्रामीणों की ओर से आत्मदाह करने का भी प्रयास किया।
बता दें कि विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के पावर हाउस निर्माण के लिये परियोजना कंपनी टीएचडीसी की ओर से हाट गांव के ग्रामीणों को दशवांणा तोक और ऐलडाना विस्थापित किया। इस दौरान वर्ष 2009 में कम्पनी प्रबंधन और ग्रामीणों के मध्य विस्थापितों को रोजगार दिये जाने और विस्थापित ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा दिये जाने को लेकर समझौता किया गया। लेकिन ग्रामीणों को कहना है कि वर्तमान तक कंपनी की ओर समझौते के अनुरुप कार्य नहीं किये गये हैं। जिसके चलते हाट गांव के ग्रामीण समझौते की बिन्दुवार जांच करने की प्रशासन से मांग करते हुए आवास ध्वस्तीकरण का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में शुक्रवार को तहसील प्रशासन की टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने ध्वस्तीकरण का विरोध शुरु कर दिया। इस बीच यहां आक्रोशित युवक मंगल दल के अध्यक्ष अमित गैरोला, ज्येष्ठ प्रमुख पंकज हटवाल, सोहन, भावना देवी और प्रभा देवी ने अपने ऊपर डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। जिस पर पुलिस के जवानों ने उनके हाथों से तेल छीन लिया और उन्हें मौके से हटा दिया गया। जिससे यहां बड़ी दुर्घटना होने से बच गई है। इस मौके पर ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल, वन सरपंच सोहन कुमार, मयंक, राजेंद्र प्रसाद, नर्वदा देवी, सुमन कुमार, भावना देवी, सुंदरा देवी आदि मौजूद थे।
हाट गांव में ध्वस्तीकरण के लिये गई टीम से घटना की रिपोर्ट मंगवाई गई है। मामले की पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद आग्रीम कार्रवाई की जाएगी।
हेमंत वर्मा, एडीएम, चमोली।
