गोपेश्वर (चमोली)। औद्यानिक नर्सरी उत्पादकों ने चमोली जिले के बाहर की नर्सरियों से पौध क्रय करने का विरोध शुरु कर दिया है। जिसे लेकर औद्यानिक नर्सरी उत्पादक संगठन ने जिलाधिकारी हिमांशु खुराना के माध्यम से उद्यान मंत्री को ज्ञापन भेजकर जिले की नर्सरियों से पौध खरीद की पूर्व में संचालित प्रक्रिया को सुचारु करने की मांग उठाई है।
औद्यानिक नर्सरी उत्पादक संगठन के भैरव दत्त मिश्रा व संतोष सिंह का कहना है कि सरकार की ओर से राज्य में संचालित नर्सरियों से पौध क्रय न कर बाहरी नर्सरियों से पौध क्रय की जा रही है। जिससे जहां एक ओर सरकार को पौधों के परिवहन के लिये अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ रही है, वहीं स्थानीय नर्सरी संचालकों के सामने पौध विपणन का संकट बना हुआ है। ऐसे में सरकार की ओर से उद्यानीकरण के माध्यम से काश्तकारों को आर्थिक मजबूती देने को लेकर किये जा रहे प्रयास जिले में विफल हो रही हैं। वहीं उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से एक हेक्टेयर से अधिक भूमि पर नर्सरी को अधिकृत मान्यता देने की बात कही गई है। जबकि उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीणों की ओर दो से 10 नाली भूमि पर ही नर्सरी का संचालन किया जा रहा है। जिससे नर्सरी संचालकों के सम्मुख अब बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने मामले में उद्यान मंत्री से नर्सरी उत्पादकों की समस्या को देखते हुए सकारात्मक कार्रवाई की मांग उठाई है। इस मौके पर ज्ञानेंद्र खंतवाल, राकेश मोहन पंत आदि मौजूद थे।
