गोपेश्वर (चमोली)। पंच केदारों में चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट खुलने की प्रक्रियाओं के तहत रविवार को भगवान की उत्सव डोली शीतकालाीन गद्दी स्थल गोपीनाथ मंदिर से रुद्रनाथ के लिये रवाना हो गई है। कोरोना संक्रमण की पाबंदियों के बीच सीमित संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भगवान रूद्रनाथ की उत्सव डोली अपने ग्रीष्मकालीन प्रवास के लिये रवाना हुए। उच्च हिमलाय में स्थित चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 मई सोमवार को ब्रहम मुहूर्त में विधि विधान से ग्रीष्मकाल के लिये खोल दिये जाएंगे।
गोपीनाथ मंदिर परिसर में शनिवार को सुबह मुख्य पुजारी धर्मेन्द्र तिवारी ने भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह मूर्ति का अभिषेक और वेदिक मंत्रो के साथ पूजा अर्चना की। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भगवान रुद्रनाथ को नौ-नाज (नया अनाज) अर्पित कर पूजा अर्चना कर कुशलता की मनौतियां मांगी। जिसके पश्चात यहां भगवान रुद्रनाथ को पुजारियों की ओर से भोग लगाने के पश्चात भगवान रुद्रनाथ ने अपने शीतकालीन गद्दी स्थल के अधिष्ठाता गोपीनाथ भगवान से विदा लेकर उच्च हिमालयी क्षेत्र के प्रस्थान किया। कोरोना संक्रमण के प्रतिबंधों के बीच यहां पुलिस की निगरानी में उत्सव डोली को रुद्रनाथ मंदिर के लिये रवाना किया गया। धाम के मुख्य पुजारी धर्मेन्द्र तिवाड़ी ने बताया कि उत्सव डोली रविवार को पैदल यात्रा मार्ग के पनार बुग्याल में रात्रि प्रवास के बाद सोमवार की तड़के को उत्सव डोली रुद्रनाथ मंदिर पहुंचेगी। जहां सोमवार को विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिये खोल दिये जाएंगे।
