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posted on : September 2, 2021 5:39 pm

थराली के देवराड़ा गांव माना जाता है मां नंदा का ननिहाल

रमेश थपलियाल

थराली (चमोली)। हिमालय की अराध्या मां नंदादेवी की लोकजात यात्रा शुरू हो गई है। पूरे छह माह तक मायके (नंदाक) में रहने के बाद नंदा देवी अपने ससुराल कैलाश की ओर चल पड़ी है। गत वर्ष कोरोना महामारी के प्रतिबंधों के चलते यात्रा प्रतीकात्मक ही रही, लेकिन इस बार 31 अगस्त (मंगलवार) से शुरू हुई यात्रा को लेकर क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है। पूरी यात्रा के दौरान जन सहभागिता की अनोखी मिसाल देखने को मिलती है।

 

21 दिनों की सबसे बडी पैदल यात्रा

घाट विकासखंड के कुरुड़ से कृष्ण जन्माष्टमी को यात्रा की शुरुआत होती है। पूरे 21 दिनों तक 150 किलोमीटर के पैदल सफर के बाद यात्रा थराली विकासखंड के देवराड़ा पहुंचने पर सम्पन्न होती है। इस दौरान 800 से अधिक गांव के लोग मां नंदा को ससुराल (कैलाश) जाने  के लिए विदाई देते हैं। 13 सितंबर को वैदनी बुग्याल मे नंदा सप्तमी की पूजा के बाद यात्रा 20 सितम्बर को देवराडा पहुंचेगी।

 

मुख्य पड़ावों पर आयोजित होते है धार्मिक आयोजन

यूं तो यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र ही नंदामय हो जाता है, लेकिन यात्रा के प्रमुख पडावों पर अनेकों प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान में आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान पड़ावों पर सेलपाती, पांडव लीला, देवी जागरण आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।  भव्य भंडारों का भी आयोजन भी यात्रियों के लिए किया जाता है।

 

जन सहभागिता की अनोखी परंपरा दिखती है लोक जात में

मां नंदा की यात्रा पूरी तरह से जन सहभागिता से ही प्रारंभ एवं पूर्ण होती है। परंपरा के तहत जिस पड़ाव पर यात्रा पहुंचती है वहां से अगले पड़ाव तक यात्रा एवं माता की डोली सहित झंडे -डंडे, ढोल- दमाऊ आदि सामग्री पहुंचाने का कार्य पड़ाव के लोगों करते है। मां नंदा के साथ चल रहे पुजारी मंडली एवं यात्रियों के रहने खाने की व्यवस्था ही भी पड़ावों की होती है। पड़ाव के आसपास के लोग मिलजुलकर आज भी खुशी-खुशी परंपरा का निर्वहन करते आ रहे हैं।

 

क्या कहते है लोग

यात्रा को लेकर नंदा मंदिर समिति कुरुड़ के अध्यक्ष मंशाराम गौड़ और  देवराडा मंदिर समिति के अध्यक्ष भुवन हटवाल का कहना है कि नंदा की लोकजात परम्पराओ एवं जनसहभागिता की यात्रा है। पूरी यात्रा जनसहभागिता से पूर्ण की जाती है। यात्रा मार्ग पर हर व्यक्ति अपनी भागीदारी के लिए पूरी तरह उत्साहित रहता है।

 

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