जोशीमठ (चमोली)। चमोली जिले की भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र में स्थित द्वितीय रक्षा पंक्ति के गांवों को सुगम स्वास्थ्य सुविधा के लिये अब दर-दर नहीं भटकना होगा। यहां एनएचएम की ओर से तपोवन में 108 वाहन की तैनाती कर दी गई है। जिससे अब घाटी के 20 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को प्रसूता और बीमारों को चिकित्सालय पहुंचाने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
चमोली जिले की सीमांत नीति घाटी में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिये अब स्वास्थ्य विभाग की ओर घाटी के तपोवन में 108 वाहन तैनात कर दिया गया है। जिसका मंगलवार को विधिवत संचालन शुरु कर दिया गया है। तपोवन में तैनात वाहन से भारत के अंतिम गांव नीति, मलारी, कैलाशपुर, गमशाली, बाम्पा, फरकिया, झेलम, तमक, भापकुंड, रैंणी, लौंग, फाक्ती सहित 20 से अधिक सीमावर्ती गांवों को एम्बुलेंस की सुविधा मिल सकेगी। जिला पंचायत सदस्य आशा देवी का कहना है कि तपोवन में 108 सेवा के वाहन के तैनात होने से अब ग्रामीणों को बीमारी और प्रसव के समय चिकित्सालय पहुंचने में होने वाली देरी से ग्रामीणों को निजात मिल जाएगी। कहा कि पूर्व में एम्बुलेंस न होने से ग्रामीण निजी वाहनों से मरीजों को चिकित्सालय लाते थे। ऐसे में उपचार की व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ रही थी। इस मौके पर गिरी फस्वार्ण, प्रवीन डोभाल, संदीप नौटियाल, हरीश नेगी के साथ ही 108 वाहन के कर्मचारी मौजूद थे।
